सतनाम सिंह
पाकुड़: झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद राज्यभर के सरकारी स्कूलों में सीटी बजाओ, स्कूल बुलाओ अभियान चलाने की तैयारी कर रहा है. इस अभियान के जरिए स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने और ड्रॉप आउट बच्चों को वापस लाने का प्रयास किया जाएगा. इसी निमित्त मंगलवार को डायट भवन स्थित हाल में शिक्षा विभाग की ओर से पाकुड़ जिले में सीटी बजाओ, उपस्थिति बढ़ाओ अभियान चलाए जाने को लेकर जिला स्तरीय मीटिंग की गई. जिसकी अध्यक्षता जिला शिक्षा अधीक्षक मुकुल राज ने की। बताते चलें कि इस अभियान से पाकुड़ जिले के पिछड़े स्कूलों में बच्चों का अटेंडेंस बढ़ेगी और उनमें नेतृत्व क्षमता का विकास होगा.जिला शिक्षा अधीक्षक मुकुल राज ने बताया कि यह एक कम लागत वाला मॉडल है, जो कारगर और सकारात्मक नतीजे देगा.
क्या है सीटी बजाओ अभियान?
इस अभियान के तहत हर गांव-टोले के एक-एक बच्चे को सीटी दी जाती है और उसे 20 से 25 बच्चे को स्कूल लाने की जिम्मेदारी दी जाती है. सुबह 8 बजे स्कूल जाने के दौरान गांव-टोले में एक-एक मॉनिटर के नेतृत्व में स्कूली बच्चे स्कूल ड्रेस पहन कर सीटी बजाते हुए स्कूल जाते हैं, जिससे अभिभावकों को यह पता चल जाता है कि स्कूल खुला है और उन्हें अपने बच्चो को भी स्कूल भेजना है. सीटी ग्रामीण इलाको में अलार्म का काम करती है, जिससे अभिभावकों के साथ-साथ बच्चे भी स्कूल की तैयारी में लग जाते हैं. छात्र सीटी बजाते हुए उन घंरो के सामने से गुजरते है, जहां रहने वाले बच्चे स्कूल में पढ़ाई कर रहे है. अपने सहपाठी को अपने साथ लेते हुए ये बच्चे स्कूल जाते है, जिसके स्कूलों में उपस्थिति की दिशा में सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं. इस अभियान के शुरू होने के बाद बच्चे अभिभावकों से स्कूल बंद होने जैसा बहाना नहीं बना पाते हैं.











