पाकुड़ कुटुंब न्यायालय में बुधवार को दो दंपतियों ने अपने लंबे समय से चले आ रहे पारिवारिक मतभेदों को समाप्त कर एक नई शुरुआत करने का फैसला लिया। प्रधान न्यायाधीश रजनीकांत पाठक के प्रयास से भरण-पोषण वाद संख्या 35/2026 और 47/2026 में आपसी सहमति से समझौता हो गया।
मध्यस्थता के दौरान दोनों पक्षों ने पुराने विवाद भुलाकर साथ रहने का संकल्प लिया। न्यायाधीश ने दंपतियों को आपसी संवाद, समझ और सहयोग के जरिए रिश्तों को मजबूत बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे विवादों को बातचीत से सुलझाया जाए, ताकि परिवार में सौहार्द बना रहे। इस पहल से न केवल दो परिवार टूटने से बच गए, बल्कि बच्चों का भविष्य भी सुरक्षित हुआ। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के अधिवक्ता भी मौजूद रहे।





