सुदीप कुमार त्रिवेदी
ऑल इंडिया फेयर प्राईश शॉप डीलर्स फेडरेशन के जिला अध्यक्ष अब्दुस सलाम ने कहा है कि भारत सरकार गरीबों के लिए चला रही मुफ्त अनाज बितरण योजना में ज्यादातर सर्वर डाउन की वजह से अनाज का वितरण नहीं हो पा रहा है, जिसका खामियाजा गरीब लाभार्थियों और राशन दुकानदारों को भुगतना पड़ रहा है, उल्टे राशन दुकानदारों पर गड़बड़ियों का आरोप लगाकर अपनी नाकामियों को छिपाया जाता रहा है ।
उन्होंने कहा कि हर महिने नेटवर्क की समस्या के कारण गरीब लाभार्थी जनता तीन चार दिनों तक दुकानों के चक्कर लगाकर वापस लौटने को बाध्य हो जाते हैं जो सरकार और दुकानदारों को गालियां भी देते और अभद्र व्यवहार भी करते हैं । एक गरीब मजदूर लाभार्थी प्रतिदिन 400/- की मजदूरी छोड़कर मुफ्त अनाज के लिए हजारों रूपये मजदूरी का नुकसान उठा रहा है और मुफ्त की गालियां डीलरों को खानी पड़ रही हैं । इसके लिए जिम्मेदार NIC बिभाग कभी भी सही जबाब नहीं देता वह आंकड़ों में हेराफेरी कर घोटाले करने का चारागाह बन चुका है । NIC के निदेशक की मनमानी से पुरे राज्य के बिक्रेता परेशान रहते है जो किसी से बात तक नहीं करती ,फोन तक नहीं उठाती हैं । झारखंड सरकार ने व्यवस्था में सुधार हेतु 4G की ई पॉश मशीनों की खरीददारी हेतु लोकसभा चुनाव पूर्व ही करोड़ों की राशि बिभाग को दे दी है जो लालफीताशाही और बिभागिय सुस्ती के कारण अभी तक अटकी हुई है । अगर राशन बितरण में इसी तरह की कठिनाइयों का सामना होता रहा, समय पर अनाज का बितरण नहीं हो पाया तो इसका खामियाजा भी सरकार को भुगतना होगा । इन्होंने कहा कि भारत सरकार हो या राज्य की सरकारें हो ,वे जनता तक यह बताने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ती कि राशन दुकानदार ही गड़बड़ी करते हैं जो सरासर गलत है । अब जनता भी जान चुकी है कि भ्रष्टाचार में उपर के लोग ही शामिल हैं जो सिस्टम को बदनाम कर मालामाल हो रहे हैं ।उन्होंने राज्य सरकार से अनुरोध किया है कि जल्द से जल्द 4G के लिए आवंटित राशि से नई मशीनें लगवाई जाए और सर्वर नेटवर्क की समस्या का समाधान भी करवाई जाए ।





