तोड़ाई नदी पर पुल, चापाकल, सोलर लाइट और घाट निर्माण की उठाई मांग; पेंशन व राशन कार्ड जैसी समस्याओं के समाधान का भी आग्रह।
पाकुड़। पंचायत की बुनियादी समस्याओं को दूर कराने और जरूरतमंदों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की पहल को लेकर ईलामी पंचायत के आबुतालाहा सक्रिय हैं। इसी क्रम में उन्होंने पाकुड़ विधायक निसात आलम, पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम और कांग्रेस के प्रदेश महासचिव डॉ. तनवीर आलम से शिष्टाचार मुलाकात कर पंचायत की प्रमुख समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने ग्रामीणों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए पहल करने का आग्रह किया।
आबुतालाहा ने ईलामी बागानपाड़ा स्थित ईदगाह के सामने तोड़ाई नदी पर पुल निर्माण की मांग प्रमुखता से उठाई। उनका कहना है कि पुल नहीं होने से ग्रामीणों को नदी के दूसरी ओर आने-जाने में परेशानी होती है। इसके अलावा बागानपाड़ा में शंकर रविदास के घर के सामने चापाकल लगाने, ईदगाह मैदान के सामने सोलर लाइट की व्यवस्था करने और राजेश के घर के सामने घाट निर्माण कराने की मांग भी रखी गई।
पेंशन और दस्तावेजों की समस्याएं भी उठाईं
मुलाकात के दौरान विधवा पेंशन, राशन कार्ड में नाम जोड़ने तथा जाति और आवासीय प्रमाण पत्र बनवाने में आ रही समस्याओं की ओर भी जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकृष्ट कराया गया। आबुतालाहा का कहना है कि इन समस्याओं का सीधा संबंध ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी से है। समय पर सरकारी सुविधाएं मिलने से जरूरतमंद परिवारों को राहत मिल सकती है।
चुनाव से पहले जनसंपर्क के साथ सामाजिक सक्रियता
कांग्रेस से जुड़े युवा कांग्रेस के पाकुड़ विधानसभा महासचिव आबुतालाहा ईलामी पंचायत में लोगों के बीच जनसंपर्क भी कर रहे हैं। आगामी पंचायत चुनाव में मुखिया पद के संभावित उम्मीदवार के रूप में उनकी सक्रियता चर्चा में है। हालांकि, उनके अनुसार, जनसेवा केवल चुनाव तक सीमित नहीं होनी चाहिए। जरूरतमंद परिवारों, अनाथ बच्चों और आर्थिक कठिनाइयों के कारण पढ़ाई में परेशानी झेल रहे विद्यार्थियों की अपनी क्षमता के अनुसार मदद करने का भी वह प्रयास करते हैं। अब ग्रामीणों की नजरें इन मांगों पर होने वाली पहल पर टिकी हैं। तोड़ाई नदी पर पुल, पेयजल, रोशनी और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान होने से पंचायत के लोगों को राहत मिल सकती है। आबुतालाहा की इस पहल का वास्तविक असर संबंधित विभागों और जनप्रतिनिधियों की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर निर्भर करेगा।






