20 जुलाई से 30 नवंबर तक चलेगा विशेष सर्वे व जागरूकता अभियान, हर सप्ताह ‘ड्राई डे’ मनाने की अपील
पाकुड़। जिले में डेंगू और अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक अभियान शुरू कर दिया है। 20 जुलाई से 30 नवंबर 2026 तक चलने वाले विशेष डेंगू सर्वे एवं जनजागरूकता अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम संवेदनशील इलाकों में सघन जांच कर रही है। अभियान के दौरान अब तक 30 से अधिक प्रमुख स्थलों पर सर्वे कर 728 जलधारक कंटेनरों की जांच की गई, जिनमें 64 कंटेनरों में एडीज मच्छर के लार्वा और दो में प्यूपा मिले। लार्वा पाए जाने वाले स्थानों पर तत्काल लार्विसाइड का छिड़काव कर नियंत्रणात्मक कार्रवाई की गई। सिविल सर्जन डॉ. एसके मिश्रा और जिला वेक्टर जनित रोग पदाधिकारी डॉ. अमित कुमार के निर्देश पर चल रहे अभियान के तहत रथ मेला मैदान, डीसी व डीडीसी आवास, एसपी आवास, बस स्टैंड, न्यायालय परिसर, एसडीओ कार्यालय, नगर परिषद कार्यालय, जेल परिसर, इंद्रा चौक, पार्क, स्टेडियम, बाजार, पेट्रोल पंप समेत कई सार्वजनिक एवं व्यावसायिक स्थलों का निरीक्षण किया गया।
हर सप्ताह मनाएं ‘ड्राई डे’
जिला वेक्टर जनित रोग पदाधिकारी डॉ. अमित कुमार ने कहा कि एडीज मच्छर साफ और ठहरे हुए पानी में पनपता है। ऐसे में डेंगू से बचाव के लिए घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देना सबसे जरूरी है। उन्होंने लोगों से हर सप्ताह एक दिन ‘ड्राई डे’ मनाने की अपील की। इस दौरान कूलर, पानी की टंकी, गमले, पुराने टायर, नारियल के खोल और कबाड़ समेत पानी जमा करने वाले सभी बर्तनों को खाली कर साफ करने की सलाह दी गई।
घर-घर पहुंच रही स्वास्थ्य विभाग की टीम
शहरी क्षेत्रों में कम्युनिटी वॉलंटियर्स और अर्बन सहियाओं की मदद से घर-घर सर्वे और जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में एमपीडब्ल्यू, सहिया, केटीएस और अन्य स्वास्थ्यकर्मी गांव-गांव पहुंचकर मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान कर रहे हैं। ग्राम सभाओं, विद्यालयों और सामुदायिक बैठकों के जरिए डेंगू, मलेरिया, कालाजार समेत अन्य वेक्टर जनित रोगों से बचाव की जानकारी दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द या आंखों के पीछे दर्द जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने और तत्काल नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की अपील की है। सिविल सर्जन डॉ. एसके मिश्रा ने कहा कि डेंगू पर नियंत्रण केवल स्वास्थ्य विभाग की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। लोगों की सक्रिय भागीदारी और साफ-सफाई से मच्छरों के प्रजनन स्थलों को खत्म कर डेंगू के प्रसार पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
स्वास्थ्य विभाग का संदेश—“साफ परिसर, सूखा परिसर, डेंगू मुक्त पाकुड़ की सबसे बड़ी पहचान।”






