कुजू। सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर बाल विद्या मंदिर, आरा के प्राचार्य रंजीत कुमार सिंह ने जीडी न्यूज़ से बात करते हुए कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। इनका जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नाडियाड में हुआ था। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद उन्होंने देश की 562 से अधिक रियासतों को भारतीय संघ में मिलाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उनके दृढ़ नेतृत्व, दूरदर्शिता और अदम्य साहस के कारण भारत एक मजबूत और एकीकृत राष्ट्र के रूप में स्थापित हो सका। भारत सरकार ने वर्ष 2014 में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की। श्री सिंह ने आगे कहा कि राष्ट्रीय एकता किसी भी देश की प्रगति, शांति और समृद्धि का आधार होती है। यदि देश के नागरिक जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्र के नाम पर आपस में बँट जाएँ, तो राष्ट्र कमजोर हो जाता है। राष्ट्रीय एकता हमें सिखाती है कि हमारे विचार, भाषाएँ और धार्मिक मान्यताएँ अलग-अलग हो सकती हैं, लेकिन हमारा संविधान, हमारा राष्ट्र और हमारी राष्ट्रीय पहचान एक है। आज के समय में राष्ट्रीय एकता का महत्व और भी बढ़ गया है। सामाजिक भेदभाव, धार्मिक कट्टरता, जातिवाद, क्षेत्रवाद और आपसी वैमनस्य जैसी चुनौतियों से ऊपर उठकर हमें एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए।






