पाकुड़। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत 28 मई से 4 जून 2026 तक चलने वाले “चुप्पी तोड़ो स्वस्थ रहो” अभियान की शुरुआत जिले में कर दी गई है। अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं एवं किशोरियों को माहवारी स्वच्छता, स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूक करना तथा समाज में फैली झिझक, भ्रांतियों और अंधविश्वास को दूर करना है। इसी को लेकर उपायुक्त मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, पाकुड़ अंतर्गत स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) एवं जल जीवन मिशन की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में माहवारी स्वास्थ्य प्रबंधन, स्वच्छता एवं ठोस कचरा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने सभी कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों सहित अन्य बालिका विद्यालयों में नैपकिन वेंडिंग मशीन एवं इंसेनरेटर के नियमित संचालन और रखरखाव को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत एवं गांव स्तर तक व्यापक जागरूकता अभियान चलाकर माहवारी से जुड़े मिथकों को समाप्त किया जाए। इस अभियान में आंगनबाड़ी सेविका, स्वास्थ्य सहिया, स्वयं सहायता समूह की दीदी एवं जलसहिया दीदी की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि केवल महिलाओं और किशोरियों ही नहीं, बल्कि पुरुषों और लड़कों को भी जागरूक किया जाना जरूरी है, ताकि परिवार और समाज में सकारात्मक एवं संवेदनशील वातावरण तैयार हो सके। प्रखंड स्तरीय कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया।
अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता अनंत प्रसाद सिंह ने कहा कि माहवारी स्वास्थ्य को लेकर विद्यालयों में नियमित चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने पेरेंट्स डे के अवसर पर माताओं के साथ-साथ पिता की भागीदारी सुनिश्चित करने, पंचायत स्तर पर पैड बैंक स्थापित करने तथा वीएचएसएनडी दिवस के दौरान महिलाओं को स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी जानकारी देने पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को हाथ में रेड डॉट दिखाकर स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने की शपथ दिलाई गई। मास्टर जलसहिया पाली बीबी ने माहवारी को एक सामान्य एवं प्राकृतिक प्रक्रिया बताते हुए स्वच्छता बनाए रखने की अपील की। वहीं जिला समन्वयक रितेश कुमार, सुमन मिश्रा एवं इमरान आलम ने सैनिटरी पैड के उपयोग, सही निपटान, पौष्टिक आहार, आयरन की गोली सेवन एवं स्वच्छ पानी की उपलब्धता के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। बैठक में ठोस कचरा प्रबंधन को लेकर भी गंभीरता से चर्चा हुई। उपायुक्त ने सुप्रीम कोर्ट की वर्ष 2026 की गाइडलाइन के अनुरूप विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र कार्य शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि उप विकास आयुक्त के साथ समन्वय स्थापित कर योजनाओं को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारा जाए, ताकि जिले में स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण सुनिश्चित किया जा सके। बैठक एवं कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक, कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता, जिला समन्वयक, जलसहिया दीदी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।








