कचरे के अंबार के बीच भोजन करने को मजबूर लोग।
सुस्मित तिवारी।
हिरणपुर (पाकुड़) स्वच्छ भारत अभियान की पोल खोल रहा है हिरणपुर में संचालित दामिन डाक बंगला परिसर में मुख्यमंत्री दाल भात योजना का केंद्र।
बड़े ही उम्मीद के साथ गरीब निरीह व्यक्तियों के लिए सिर्फ ₹5 में मुख्यमंत्री दाल भारत योजना का शुभारंभ किया गया था, जहां दिन भर के थके हारे और दूर-दराज से आए गरीब निरीह लोगों को भरपेट भोजन मिल सके, परंतु केंद्र को देखकर भोजन करने का स्थान पर लोग तो दूर जानवर भी पास नहीं मंड़राएगें, आश्चर्य इस बात का है कि बरसों से संचालित इस केंद्र की ओर स्थानीय प्रशासन से लेकर आला अधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों का दृष्टि इस महत्वाकांक्षी केंद्र की और आज तक नहीं पड़ी। इस केंद्र में उपलब्ध दाल भात योजना के तहत भोजन खाकर तो लोग मजबूरी में पेट भर तो लेते हैं ,परंतु इनसे बात करने पर या देखने पर अनायास उनकी दुर्दशा और नियति पर किसी को भी त्रस्त आ जाएगा। आलम यह है कि भोजन परोसने वाले जगह को देखकर ही हर व्यक्ति के मन में अरुचि उत्पन्न हो जाएगी, जहां पूरे बाजार के कचरा का अंबार और दुर्गंध युक्त वातावरण में भूख मिटाने के लिए मजबूर निरीह और गरीब लोग भोजन करने के लिए मजबूर है क्योंकि उनके पास दूसरा कोई और विकल्प भी नहीं है। खंडहर में तब्दील भवन और पूरे भवन में कचरा का अंबार आसपास पूरे हिरणपुर बाजार का कचरे का पहाड़ इसके बीच बैठकर भोजन करना सभ्य समाज मैं किसी भी व्यक्ति चाहे वह दिहारी हो या फिर निरीह लोग शोभा नहीं देता, जबकि स्वच्छ वातावरण में भोजन करना हर किसी का अधिकार है खास कर वहां जहां सरकार ऐसे लोगों के लिए ही पेट भरने के लिए योजना का प्रारंभ किया है, इस संबंध में केंद्र के संचालिका से बात करने पर बताया गया कि कई बार इसकी शिकायत और निवेदन किया गया है कि केंद्र संचालित के लिए अन्यत्र कोई जगह दें परंतु बरसों गुजर जाने के बावजूद भी आज तक इस पर संज्ञान नहीं लिया गया।






