स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) द्वितीय चरण का प्रमुख उद्देश्य गांवों को खुले शौच मुक्त की स्थिति को बनाए रखना है :-उपायुक्त।
सुदीप कुमार त्रिवेदी
गुरुवार को समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त मृत्युंजय कुमार बरणवाल की अध्यक्षता में जिला जल एवं स्वच्छता की बैठक आहूत की गई, बैठक में वित्तीय वर्ष 2024-25 के कार्य योजना के अनुसार स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज 2 अंतर्गत विभिन्न कंपोनेंट पर चल रहे कार्यों की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) द्वितीय चरण का प्रमुख उद्देश्य गांवों को खुले शौच मुक्त की स्थिति को बनाए रखना और ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में साफ सफाई के स्तर में सुधार लाकर उन्हें ओडीएफ प्लस गांव तथा स्वच्छता, ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन युक्त बनाना है।
वहीं इस दौरान ओडीएफ प्लस के 07 घटकों यथा खुले में शौच मुक्त के स्थायित्व को बनाए रखना, ठोस कचरा प्रबंधन, तरल कचरा प्रबंधन, गोबर-धन, प्लास्टिक कचरा प्रबंधन, सुरक्षित माहवारी प्रबंधन एवं मलीय कचरा प्रबंधन से जुड़े जिला अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की अद्यतन जानकारी ली एवं उचित दिशा निर्देश दिया।
विभिन्न विभाग से आपसी समन्वय बनाकर करें कार्य
उन्होंने फेज टू से जुड़े कार्यों को 15 वें वित्त आयोग पंचायती राज, मनरेगा द्वारा किए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी ली एवं संबंधित विभाग के अधिकारी को आपसी समन्वय बनाकर कार्य करने का निर्देश दिया।जिला अंतर्गत कुल 6649 अदद अबुआ आवास में व्यक्तिगत शौचालय निर्माण हेतु स्वीकृति प्रदान की गई है एवं वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 14700 अबुआ आवास के विरुद्ध स्वीकृति देने हेतु उपायुक्त महोदय द्वारा निर्देश दिया गया। साथ ही साथ पूर्व में स्वीकृत 6649 अबुआ आवास में निर्मित किए जाने वाले शौचालय को जल्द से जल्द पूर्ण करने हेतु निर्देश दिया गया ।
वहीं बताया गया कि जिले के कुल 1138 ग्रामों में से 925 गांव यानी 81.28 प्रतिशत गांव ओडीएफ प्लस घोषित हो चुके हैं। वहीं ओडीएफ प्लस मॉडल (5 स्टार) विलेज के रूप में जिले के 28 ग्राम का मार्क किया गया है। उपायुक्त ने समीक्षा के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जितने भी शौचालय बने हुए हैं, उसका उपयोग लोग करें इस हेतु अवेयरनेस कैंपेन चलाएं। लोगों में जागरूकता की कमी के कारण इसका समुचित उपयोग नहीं हो पाता है, इसे सुनिश्चित करवाएं। इसके अलावा उन्होंने विभिन्न स्थलों में आवश्यकता के अनुरूप शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
सिंगल यूज प्लास्टिक पर लगाएं रोक
वहीं इसके अलावा उन्होंने ठोस एवं तरल कचरा अवशिष्ट पदार्थों का प्रबंधन करने का निर्देश दिया। उन्होंने सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग किसी भी हाल में किसी भी स्तर पर ना हो, इसे सुनिश्चित करवाएं। वहीं बैठक में उपायुक्त ने ग्राम पंचायत स्तर पर सेग्रीगेशन शेड के निर्माण कार्य की जानकारी ली, उपायुक्त ने इसमें तेजी लाने का निर्देश दिया। इसके अलावा माहवारी स्वच्छता प्रबंधन सहित अन्य बिंदुओं पर समीक्षा करते हुए आवश्यक एवं उचित दिशा निर्देश दिया गया।
कार्यशाला में राज्य परामर्शी संजय पांडेय ने भाग लिया तथा कचरे से होने वाली बीमारियों कचरा प्रबंधन व ऊर्जा संरक्षण पर जानकारी दिया। इस कार्यशाला में मुख्य रूप से ठोस व तरल कचरे को कैसे अलग करें व इलेक्ट्रॉनिक कचरे को कैसे निपटाया जाए, खाने में पोषक तत्व शामिल करने आदि विषयों पर जानकारी उपलब्ध कराई गई और जिला स्तरीय स्वच्छता पहल के लिए मूल्यवान संदर्भ और मार्गदर्शन प्रदान किया। मौके पर उप विकास आयुक्त मो० इश्तियाक अहमद, जिला पंचायत राज पदाधिकारी संजय पीएम कुजूर, जिला शिक्षा पदाधिकारी नयन कुमार, कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल पाकुड़ राहुल कुमार श्रीवास्तव, कार्यपालक अभियंता लघु सिंचाई, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक जेएसएलपीएस पाकुड़ एवं जिला समन्वयक सुमन कुमार मिश्रा, रितेश कुमार एवं इमरान आलम समेत अन्य उपस्थित थे।






