राजकुमार भगत
पाकुड़। भारत सरकार द्वारा फाइलेरिया रोग से बचाव एवं उन्मूलन हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। ताकि लोगों को फाइलेरिया होने से बचाया जा सके। इस हेतु 10 फरवरी से 25 फरवरी तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत प्रत्येक विद्यालय एवं घरों में फैलेरिया एवं कृमि से बचाव हेतु डी. ई. सी. एवं ऑलवेडाजोल की दवा निशुल्क खिलाई जा रही है। अभियान के तहत मंगलवार को स्थानीय बाल विद्यापीठ स्कूल भगत पाड़ा पाकुड़ में सभी बच्चों को बारी-बारी से कृमि एवं फाइलेरिया से बचाव हेतु एएनएम कुमकुम पाल एवं कीर्ति कुमारी द्वारा दवा खिलाई गई। एएनएम कुमकुम पाल एवं कीर्ति कुमारी ने बताया की फाइलेरिया एक ऐसी बीमारी है जो मच्छर के काटने से उसके संक्रमण द्वारा होता है। इससे इससे हाथ पांव में सूजन हो जाते हैं जिसे हाथी पांव भी कहते हैं। एक बार यदि फाइलेरिया हो जाए तो फिर उसका इलाज करना बहुत कठिन है। फाइलेरिया एक ऐसी बीमारी है जिसकी पता चलने में लगभग 10 बरस बीत जाते हैं और तब तक इलाज करने में बहुत देर हो जाती है । इसके बचाव हेतु पहले ही दवा खा ली जाती है ताकि यदि मच्छर काट भी ले तो इसकी संक्रमण से शरीर को बचाया जा सकता है। यह दावा लोगों को प्रत्येक वर्ष साल में एक बार खानी चाहिए और फलेरिया होने से अपने आप को बचाना चाहिए। मौके पर नवमी कुमारी ऋचा कुमारी एलीशा मरांडी, रामधन, ज्योति कुमारी फुलमुनि कुमारी आदि उपस्थित थे।





