पाकुड़: मुफ्फसिल थाना क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे सियारों के आतंक को लेकर वन विभाग अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मंगलवार को पाकुड़ वन प्रमंडल की टीम लखीनारायणपुर गांव पहुंची, जहां अधिकारियों और वनकर्मियों ने गांव के विभिन्न इलाकों में घूम-घूमकर जंगली सियारों के संभावित ठिकानों की तलाश की।
टीम ने गांव के आसपास की झाड़ियों, सुनसान स्थानों और अन्य संदिग्ध जगहों का निरीक्षण किया। साथ ही ग्रामीणों से बातचीत कर सियारों की गतिविधियों और हमलों से जुड़ी जानकारी भी जुटाई गई। वन विभाग के कर्मियों ने लोगों को भरोसा दिलाया कि विभाग लगातार गांव में गश्ती करेगा और ग्रामीणों को भयभीत होने की जरूरत नहीं है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर विशेष कैंप भी लगाया जाएगा। इसी दौरान वन विभाग ने सियार हमले से प्रभावित परिवारों को सहायता राशि भी वितरित की। हाल ही में सियार के हमले में जान गंवाने वाले समीरूल शेख के परिजनों को तत्काल राहत के रूप में 50 हजार की सहायता राशि प्रदान की गई। वहीं हमले में घायल रहसपुर निवासी आजफारुल शेख और लखी नारायणपुर निवासी सदीकुल शेख को 5-5 हजार की सहायता राशि दी गई।
यह राशि मौके पर मौजूद वन क्षेत्र पदाधिकारी बबलू कुमार देहरी द्वारा पीड़ित परिवारों को सौंपी गई। इस दौरान खालिदा खातून, जिब्रान अली समेत अन्य वनकर्मी भी मौजूद रहे। वन विभाग ने बताया कि सियारों के आतंक पर नियंत्रण के लिए लगातार मॉनिटरिंग और पेट्रोलिंग की जा रही है। विभाग की टीम मंगलवार रात भी लखीनारायणपुर गांव में रुककर पेट्रोलिंग करेगी, ताकि ग्रामीणों में सुरक्षा का भरोसा कायम रह सके।
गौरतलब है कि मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के कई गांव इन दिनों सियारों के हमलों से प्रभावित हैं। लगातार हो रही घटनाओं के कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ऐसे में वन विभाग की बढ़ती सक्रियता से लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद जगी है।







