सतनाम सिंह
नवरात्रि के पंचम दिन, माता स्कंदमाता की पूजा अर्चना की जाती है। माता स्कंदमाता भगवान कार्तिकेय की माता हैं, जो भगवान शिव के पुत्र हैं। इस दिन को स्कंदमाता के जन्मोत्सव के रूप में भी मनाया जाता है।
स्कंदमाता की पूजा विधि:
- इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें।
- माता स्कंदमाता की तस्वीर या मूर्ति को स्थापित करें।
- माता को पुष्प, फल, और सिंदूर चढ़ाएं।
- माता की आरती और मंत्रों का जाप करें।
- इस दिन व्रत रखना भी शुभ माना जाता है।
स्कंदमाता का महत्व:
- माता स्कंदमाता की पूजा से संतान की रक्षा और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
- उनकी कृपा से जीवन में सुख, शांति, और समृद्धि आती है।
- माता स्कंदमाता की पूजा से भगवान कार्तिकेय की कृपा भी प्राप्त होती है।
नवरात्रि के पंचम दिन की कथा:
- भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय को स्कंद कहा जाता है।
- माता पार्वती ने कार्तिकेय को जन्म दिया था।
- माता स्कंदमाता की पूजा से माता पार्वती की भी कृपा प्राप्त होती है।
इस पवित्र दिन पर माता स्कंदमाता की पूजा करने से जीवन में सुख, समृद्धि, और संतान की रक्षा की प्राप्ति होती है।





