सतनाम सिंह
पाकुड़: समाहरणालय के समक्ष वादा निभाओ स्थायी करो सत्याग्रह कार्यक्रम के तहत लगातार 37 वीं दिन मंगलवार को भी झमाझम बारिश में भी मनरेगा कर्मचारी संघ झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के आह्वान पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे रहे। मौके पर संघ के जिला उपाध्यक्ष नेल्सन टुडु ने कहा कि इस बार चुनाव में सरकार की स्थिति डंवाडोल हो जाएगी। पूरे झारखंड के मनरेगा कर्मी, हमारे सगे संबंधी और करीब 50 लाख मजदूर सरकार के खिलाफ रहेंगे। उन्होंने कहा कि मनरेगा कर्मियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से प्रखंड और पंचायत के सभी विकास कार्य बाधित हो रहा है। मनरेगा का कार्य ठप हो चुका है। बागवानी और अबुआ आवास जैसे महत्वाकांक्षी योजनाएं लोगों के लिए सपना बन गया है। मजदूर और मनरेगा कर्मी भूखे मर रहे हैं। 30 अगस्त से सरकार आपके द्वार कार्यक्रम आपकी योजना आपका विकास सब ढकोसला बनकर रह जाएगा। सिफ मनरेगा कर्मी ही हैं जो पंचायत से लेकर प्रखंड तक विकास कार्यों में सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारते हैं। उन्होंने कहा कि मनरेगा कर्मियों द्वारा 2 जुलाई से ही सरकार की नींद तोड़ने के लिए कई कार्यक्रम किया जा चुका है। परंतु उनकी निंद्रा भंग नहीं हुई है। विवश होकर 22 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया गया। मांग पूरी होने तक मनरेगा कर्मियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रखने का एलान कर दिया है।वही साइदुर रहमान ने कहा कि मुख्यमंत्री अपना वादा निभाएं और मनरेगा कर्मी को ग्रेड पे के साथ स्थायी करें। उन्होंने कहा कि मनरेगा कर्मियों का भूखे मरना, मनरेगा मजदूरों का पलायल होना, बागवानी और अबुआ आवास प्रभावित होना या फिर गरीबों के यहां चुल्हा नहीं जलना इन सबकी जवाबदेही सरकार की होगी। इस अवसर पर ट्विंकल चौधरी सहित अन्य उपस्थित थे।





