पाकुड़। राष्ट्रीय जनता दल महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष ज्योति कुमारी दुबे ने पार्टी के जिला नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों की समस्याओं को उचित मंच पर उठाने के बजाय उन्हें दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पार्टी के अंदर यदि कहीं गलत हो रहा है तो उसके खिलाफ आवाज उठाना हर व्यक्ति का अधिकार है। ज्योति कुमारी दुबे ने बताया कि 30 सितंबर को उन्होंने उपायुक्त को पत्र देकर जिले के विभिन्न कार्यालयों में तीन वर्ष या उससे अधिक समय से कार्यरत लिपिक, वरीय लिपिक और कंप्यूटर ऑपरेटरों के स्थानांतरण की मांग की है। उन्होंने दावा किया कि झारखंड सरकार के मुख्य सचिव का पत्र भी इस संबंध में साक्ष्य के रूप में उनके पास है। उनके अनुसार, इसी मुद्दे को लेकर राजद जिलाध्यक्ष की ओर से उनके खिलाफ सोशल मीडिया ग्रुप में कथित तौर पर मनगढ़ंत और बेबुनियाद आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने पार्टी के जिला नेतृत्व पर कार्यकर्ताओं की समस्याओं की अनदेखी करने और पदाधिकारियों को कथित रूप से भयभीत करने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि पार्टी के पदाधिकारी जब खर्च का हिसाब मांगते हैं तो उन्हें कार्रवाई या पार्टी से निष्कासन की धमकी दिए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के कार्यक्रमों और महत्वपूर्ण बैठकों की जानकारी जिले के सभी पदाधिकारियों, विशेषकर महिला प्रकोष्ठ को नहीं दी जाती है। महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष ने कहा कि पार्टी को किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति की तरह नहीं चलाया जा सकता। उन्होंने संकेत दिया कि समय आने पर इन मामलों को पार्टी के प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के वरिष्ठ नेताओं के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की समस्याओं, पार्टी के कार्यों और खर्च से जुड़े मामलों को उचित मंच पर उठाया जाएगा।






