रांची। झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने मैट्रिक, इंटरमीडिएट समेत अन्य परीक्षाओं के प्रमाणपत्रों में त्रुटि सुधार कराने वाले छात्रों के लिए नियमों में अहम बदलाव किया है। अब प्रमाणपत्र में सुधार के लिए आवेदन के साथ नोटरी पब्लिक द्वारा निर्गत शपथ पत्र मान्य होगा। इसके साथ ही सुधार आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 30 सितंबर 2026 कर दी गई है। JAC की ओर से पूर्व में जारी विज्ञप्ति संख्या 44/2026 में प्रमाणपत्र सुधार के आवेदन के साथ न्यायिक दंडाधिकारी (Judicial Magistrate) से सत्यापित शपथ पत्र अनिवार्य किया गया था। इस व्यवस्था के बाद छात्रों को काफी परेशानी हो रही थी। कई स्थानों पर न्यायिक दंडाधिकारी द्वारा प्रशासनिक कार्यों से संबंधित शपथ पत्र सत्यापित नहीं किए जाने के कारण छात्र प्रमाणपत्र सुधार के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे थे।
छात्रों की परेशानी पर उठाई गई आवाज
मामले को लेकर साहिबगंज के सामाजिक कार्यकर्ता जेम्स मरांडी ने JAC अध्यक्ष को आवेदन सौंपकर पूर्व की व्यवस्था बहाल करने की मांग की थी। उन्होंने छात्रों को हो रही व्यावहारिक परेशानियों से परिषद को अवगत कराते हुए शपथ पत्र की प्रक्रिया को सरल बनाने का आग्रह किया था।
विज्ञप्ति 55/2026 से नियम में आंशिक संशोधन
छात्रहित में मामले को गंभीरता से लेते हुए JAC ने विज्ञप्ति संख्या 55/2026 जारी कर नियमों में आंशिक संशोधन किया है। संशोधित व्यवस्था के तहत अब प्रमाणपत्र सुधार के आवेदन के साथ नोटरी पब्लिक से निर्गत शपथ पत्र ही मान्य होगा। इस फैसले से मैट्रिक, इंटरमीडिएट और अन्य परीक्षाओं के प्रमाणपत्रों में नाम, जन्मतिथि अथवा अन्य विवरणों में सुधार कराने वाले छात्रों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं, अंतिम तिथि 30 सितंबर तक बढ़ाए जाने से छात्रों को आवश्यक दस्तावेज तैयार कर आवेदन जमा करने के लिए पर्याप्त अतिरिक्त समय भी मिल गया है।





