स्वराज सिंह
पाकुड। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश(पीडीजे) बाल कृष्ण तिवारी की अदालत ने गुरुवार को सूरजा पहाड़िया और कालीचरण पहाड़िया को अपने गांव के 55 वर्षीय मकड़ी पहाड़िया को पत्थर से मारकर हत्या करने के आरोप में आजीवन कारावास एवं 50 -50 हजार रुपया जुर्माना करने की सजा सुनायी। जुर्माना की राशि अदा नहीं करने पर दोनों को अतिरिक्त एक साल जेल में रहना पड़ेगा। पीडीजे ने गत 28मई को दोनों हत्यारों को दोषी करार दिया था और आज सजा सुनायी गई।सुरजा पहले से जेल में था और कालीचरण जमानत पर बाहर था। दोनों हत्यारे लिट्टीपाड़ा थाना अन्तर्गत जामकुन्दर गांव के रहने वाले हैं।मृतक की पत्नी मेसी पहाड़िन ने इस घटना की प्राथमिकी लिट्टीपाड़ा थाना में कांड संख्या 92/19 दर्ज की थी।इसके अनुसार उस दिन सुबह 5 बजे जब सौ कर उठी तब उसका पति मकड़ी घर से गायब था। कुछ देर तक पति के नहीं लौटने के बाद उनको खोजने निकल गई । गांव से कुछ दूर एक सूखे जलकुंड में पेट के बल सोया एक अदमी को देखा।बाद में गांव के लोग वहां आ गए। बाद में पता चला कि वह लाश उसके पति मकड़ी पहाड़िया का है। हत्यारे ने मकड़ी का चेहरा पत्थर से विकृत कर दिया था। मेसी पहडीन ने कही थी कि उनके पति की हत्या गांव के सूरजा पहाड़िया और कालीचरण पहाड़िया ने किया है।





