बलराम, पाकुड
पाकुड़। इन दोनों पाकुड़ सदर प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रूप से निर्मित देसी शराब की बिक्री जोरों पर है। लोकसभा चुनाव में आचार संहिता लागू होने के बाद भी अवैध देशी शराब की बिक्री पर लगाम नहीं लग पा रही है। बात कर रहे हैं सदर प्रखंड के ही मुफ्फसिल थाना क्षेत्र अंतर्गत गोपीनाथपुर गांव की। ये गांव बंगाल से सटा होने के कारण अवैध दारू का धंधा चरम पर होता है। सूत्रों की माने तो गांव के ही प्रकाश मंडल, श्यामल मंडल, और युवराज राजवंशी द्वारा अवैध रूप से निर्मित देसी दारू पाकुड़ शहर से सटे हुए क्षेत्र चापाडांगा, बलियाडांगा, किताझोर , हीरानंदपुर और तलवाडांगा से इन लोगों के द्वारा थोक भाव से दारु खरीद कर लाते हैं और गांव में स्थित बागान में दारू को अवैध रूप से बेचा जाता है। बंगाल से सटा हुआ क्षेत्र होने के कारण इनकी बिक्री धड़ल्ले और निडर होकर की जाती है। हरिगंज, हरिहरा और सिमाई क्षेत्र बंगाल के कृष्णनगर गांव सहित कई गांवों के लोग दारु पीने इस क्षेत्र में आते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि दारू का अवैध बिक्री स्थल से कुछ ही दूरी पर उत्क्रमित उच्च विद्यालय स्थित है जहां बच्चे विद्यालय जाकर पढ़ाई लिखाई करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह क्षेत्र कृषि प्रधान क्षेत्र होने के कारण और प्रत्येक घर में शौचालय न होने के कारण अधिकतर महिला, पुरुष, बाल – बच्चे शौच के लिए खेत जाते हैं और तो और खेत से सब्जियां तोड़ने के लिए भी जाते हैं, लेकिन अवैध दारू की बिक्री होने से खासकर महिलाएं खेत तरफ जाना संकोच करती है और अपने आप को भयभीत महसूस करती है। गांव के ही एक समाजसेवी सह जिला परिषद सदस्य पिंकी मंडल ने भी अवैध देसी दारू अड्डा को बंद करने के लिए कई प्रयास किया। इन्हे जान से मारने की धमकी भी मिल रही है। वहीं उत्पाद अवर निरीक्षक सनी तिर्की ने बताया कि कुछ दिन पूर्व इस क्षेत्र से अवैध दारू बिक्री करने पर एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था और उसे जेल भेजा गया था फिर भी अगर इस तरह की कोई सूचना उन्हें मिलती है तो कड़ी कार्रवाई उन पर की जाएगी और अवैध शराब बिक्री पर अतिशीघ्र पाबंदी लगाई जाएगी।





