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October 18, 2026 5:40 am

पाकुड़ शहर, बिजली की आँख मिचौली व लोडशेडिंग से परेशान

इस समस्या पर विभाग और नेता दोनों हैं मौन

सुदीप कुमार त्रिवेदी

एक तरफ तो गर्मी से लोग हलकान परेशान हो रहे है, तो वहीं दूसरी ओर पाकुड़वासी के माथे पर गर्मी के साथ साथ बिजली की आँख मिचौली से बल पड़ने शुरू हो गए हैं । पाकुड शहरी क्षेत्र के साथ साथ ग्रामीण इलाकों के लोग भी कमोबेश ऐसी ही समस्या से रू ब रू होने को बाध्य होते प्रतीत हो रहे हैं । गर्मी से व्याकुल लोग जब राहत पाने की आशा में घर की ओर कदम बढ़ाते हैं तो उनकी यही चिंता रहती है कि घर जाने पर बिजली की उपलब्धता नसीब होगी कि नहीं ? पाकुड शहरी क्षेत्र की बात करें तो बिजली की इस परंपरागत आँख मिचौली को लेकर लोग कभी विभागीय कार्यशैली को कोस रहे हैं तो कभी जनप्रतिनिधि को, क्योंकि हर चुनाव से पूर्व दलों के उम्मीदवार जनता से क्षेत्र के सम्पूर्ण विकास का वादा करते है जिसमें बिजली भी आती है, परंतु चुनाव परिणामों के बाद जनता के लिए समस्या वैसी की वैसी ही रह जाती है । बिजली के आने जाने की समस्या के बाबत शहर के लोगों का कहना है कि बिजली की उक्त समस्या और पाकुड़ का सदियों से नाता रहा है । इस बाबत लोग इस बात की शिकायत करते हुए कहते हैं कि एक तरफ तो बिजली विभाग के आश्वासन की बात कहता है वहीं दूसरी ओर हर मुद्दे पर चिल्ल पौं मचाने वाले स्थानीय नेता भी मौन रहते हैं । बिजली समस्या के बाबत बिजली विभाग के कार्यपालक पदाधिकारी से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि ग्रिड से अलग अलग समय पर अलग अलग मात्रा की बिजली उपलब्ध हो रही है जिसके आधार पर बिजली वितरण किया जाता है, हालांकि पदाधिकारी ने साफगोई से यह कहा कि दिन के बनिस्पत रात्रि में बिजली आपूर्ति की कुछ समस्या जरूर है, जिसे दूर करने की कोशिश की जा रही है । हर दो दिन बाद लोडशेडिंग के मामले पर पूछने पर पदाधिकारी ने बताया कि बिजली उपभोक्ताओं की संख्या जिस अनुपात में बढ़ती है उस अनुपात में बिजली ग्रिड से नहीं मिल पाती है, जबकि बिजली बढाकर देने की माँग लगातार विभाग की ओर से की जा रही है, वहीं दूसरी ओर विभागीय सूत्रों का कहना है कि ग्रिड से जितनी मात्रा में बिजली मिलनी चाहिए उतनी उपलब्ध नही हो पाती है जिसके कारण लोडशेडिंग की समस्या बार बार आती है, परंतु इसके समाधान के लिए विभागीय स्तर पर अपेक्षित प्रयास नहीं किया जा रहा है ।

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