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नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने पिछले 9 वर्षों से अब तक ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के गरीबों के कल्याण के लिए तमाम तरह की कई योजनाओं की शुरुआत. इन योजनाओं के जरिए गरीब वर्ग के लोगों को सशक्त बनाने के साथ-साथ आर्थिक तौर पर भी मजबूत बनाने की कोशिश की जा रही है. इन्हीं में से एक योजना है- दीनदयाल अंत्योदय योजना. इस योजना के अंतर्गत कौशल विकास और आजीविका के अवसरों में वृद्धि कर गरीब लोगों को रोजगार के अवसर प्रदान कर गरीबी में जी रहे लोगों को गरीबी से बाहर निकालने की कोशिश की गई है. यह योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का एकीकरण है.
दीनदयान अंत्योदय योजना के दो भागों में बांटा गया है. पहला ग्रामीण भारत के लिए तथा दूसरी शहरी भारत के लिए. दीनदयाल अंत्योदय योजना के रूप में नामित शहरी घटक को आवास और शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय द्वारा कार्यन्वयन किया जा रहा है. इस योजना के अंतर्गत शहरी क्षेत्रों में प्रशिक्षण केंद्र, SHG संवर्धन और बेघर लोगों को स्थायी आश्रय दिया जाता है. यानी कि बेघरों के लिए घरों का निर्माण तथा निजी और सामूहिक सूक्ष्म निर्माण के लिए सड़क सामान बेचने वालों, कूड़ा बीनेन वालों आदि शहरों में रहने वाले निर्धनों के लिए रोजगार के अवसर तथा इनकम बढ़ाने के उपाय केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराये जाएंगे.
इस योजना के जरिए शहरी गरीब परिवारों की गरीबी और जोखिम को कम करने के लिए उन्हें लाभकारी स्वरोजगार और कुशल मजदूरी रोजगार के अवसर का उपयोग करने में सक्षम करना है. जिसके परिणामस्वरूप मजबूत जमीनी स्तर के निर्माण से उनकी आजीविका में स्थायी आधार पर सराहनीय सुधार हो सके. दीनदयाल अंत्योदय योजना 2023 के अंतर्गत 1,000 से अधिक स्थाई आश्रय स्तापित किए गए हैं. जो कि कम से कम 60000 शहरी बेघर लोगों को घर प्रदान करेंगे.

16 लाख स्ट्रीट वेंडर्स की पहचान कर उन्हें आईडेंटिटी कार्ड प्रदान किए गए हैं. 9 लाख उम्मीदवार को प्रशिक्षित और प्रमाणित किया गया है और चार लाख से अधिक उम्मीदवारों को नौकरी प्रदान की गई है. यह योजना शहरी गरीबी को दूर करने में कारगर साबित होगी. इस योजना के माध्यम से लाभार्थियों को रोजगार प्राप्त करने के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा.
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Tags: Modi government, PM Modi
FIRST PUBLISHED : November 24, 2023, 07:37 IST
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