बिना एनओसी संचालन, सोने के लिए बिस्तर तक नहीं; जांच में उजागर हुईं कई खामियां।
लिट्टीपाड़ा (पाकुड़)। बांडू गांव स्थित मिशन इंडिया मूवमेंट हॉस्टल में आठ वर्षीय रजनी पहाड़िन की संदिग्ध मौत के बाद वहां की व्यवस्था सवालों के घेरे में है। जांच के लिए पहुंचे एसडीओ साइमन मरांडी और जिला आपूर्ति पदाधिकारी कुमार अभिषेक सिंह के निरीक्षण में कई कमियां सामने आईं। जांच में हॉस्टल के पास अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) नहीं होने और बच्चों के सोने की समुचित व्यवस्था नहीं मिलने की बात सामने आई। यहां 40 लड़कियों और 40 लड़कों समेत कुल 80 बच्चे रहते हैं, लेकिन बच्चे जमीन पर सोने को मजबूर हैं। बुनियादी सुविधाओं की यह स्थिति हॉस्टल प्रबंधन की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
सवालों के घेरे में निगरानी व्यवस्था।
मासूम की संदिग्ध मौत के बाद सवाल उठ रहा है कि आवश्यक प्रमाणपत्र के बिना हॉस्टल कैसे संचालित हो रहा था और बच्चों की सुरक्षा व सुविधाओं की नियमित निगरानी कौन कर रहा था। अब बच्ची की मौत के कारणों की निष्पक्ष जांच के साथ हॉस्टल में मिली खामियों की पड़ताल और जिम्मेदारी तय करना जरूरी है।






