अक्षय कुमार
रामगढ़। कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), रामगढ़ में 26 अक्टूबर से 1 नवंबर, 2026 तक सतर्कता जागरूकता सप्ताह–2026 मनाया जा रहा है। इस अवसर पर केंद्र के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सत्यनिष्ठा की शपथ लेकर अपने कार्यों एवं दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी, निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ करने का संकल्प लिया। सत्यनिष्ठा शपथ के माध्यम से सभी कर्मचारियों ने भ्रष्टाचार से दूर रहने, अपने कार्यों में नैतिक मूल्यों का पालन करने तथा व्यक्तिगत एवं संस्थागत स्तर पर ईमानदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। शपथ का मुख्य संदेश है कि प्रत्येक व्यक्ति अपने आचरण एवं कार्यों में सत्यनिष्ठा बनाए रखे और भ्रष्टाचार मुक्त कार्य संस्कृति के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाए। कार्यक्रम का उद्देश्य भ्रष्टाचार के प्रति जागरूकता बढ़ाना, कार्यस्थल पर नैतिक मूल्यों को प्रोत्साहित करना तथा जवाबदेही एवं पारदर्शिता की संस्कृति को मजबूत करना है।

इस दौरान सार्वजनिक संसाधनों के उचित उपयोग, सरकारी कार्यों में निष्पक्षता, भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहिष्णुता तथा जनहित को सर्वोपरि रखने के महत्व पर जोर दिया गया। इस अवसर पर केवीके रामगढ़ के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. सुधांशु शेखर ने कहा कि “सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और जवाबदेही सुशासन के मूल आधार हैं। किसी भी संस्थान की विश्वसनीयता उसके अधिकारियों एवं कर्मचारियों के ईमानदार आचरण और कर्तव्यनिष्ठा पर निर्भर करती है। प्रत्येक कर्मचारी को अपने कार्यों में नैतिक मूल्यों का पालन करते हुए भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के निर्माण में योगदान देना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र किसानों तक नवीन कृषि तकनीकों, वैज्ञानिक सलाह और विभिन्न कृषि योजनाओं की जानकारी पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में किसानों के साथ संवाद, तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण कार्यक्रमों के संचालन तथा संस्थागत संसाधनों के उपयोग में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। ईमानदार एवं जवाबदेह कार्यप्रणाली से किसानों का विश्वास बढ़ता है और कृषि प्रसार सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होता है। सतर्कता जागरूकता सप्ताह के दौरान कर्मचारियों को अपने दैनिक कार्यों में अनुशासन, निष्पक्षता, समयबद्धता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही, अनियमितताओं के प्रति सजग रहने, नियमों एवं प्रक्रियाओं का पालन करने तथा सार्वजनिक हितों की रक्षा करने की आवश्यकता पर भी बल दिया जा रहा है।





