पुनरीक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग, निर्वाचन आयोग के निर्णयों की स्वतंत्र जांच और सूचना तंत्र के लेखा परीक्षण की उठाई आवाज।
पाकुड़। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सोमवार को कांग्रेस ने पाकुड़ में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदेश महासचिव डॉ. तनवीर आलम के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता जिला मुख्यालय पहुंचे और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रतीकात्मक पुतले दहन किए। डॉ. तनवीर आलम ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने निर्वाचन आयोग की निर्णय प्रक्रिया, चुनावी आंकड़ों के प्रबंधन और सूचना प्रौद्योगिकी तंत्र की कार्यप्रणाली की स्वतंत्र समीक्षा की मांग उठाई। उनका कहना था कि लोकतंत्र में मतदाताओं का विश्वास बनाए रखने के लिए चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और संस्थागत जवाबदेही जरूरी है।

छह प्रमुख मांगों पर डॉ. आलम का जोर
डॉ. तनवीर आलम ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के समक्ष छह प्रमुख मांगें रखीं। इनमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच, उनके कार्यकाल में लिए गए प्रमुख निर्णयों की स्वतंत्र समीक्षा, विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने व संशोधन की स्वतंत्र जांच, निर्वाचन आयोग के सूचना प्रौद्योगिकी तंत्र और आंकड़ा प्रबंधन का स्वतंत्र लेखा परीक्षण, मतदाताओं को आपत्ति दर्ज कराने और अपना पक्ष रखने का प्रभावी अवसर तथा पूरी चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं संस्थागत जवाबदेही सुनिश्चित करना शामिल है। डॉ. आलम ने कहा कि कांग्रेस मतदाताओं के अधिकारों और लोकतांत्रिक व्यवस्था की पारदर्शिता को लेकर आवाज उठा रही है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त, प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के प्रतीकात्मक पुतले दहन कर विरोध दर्ज कराया गया। प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष श्रीकुमार सरकार, सामाजिक माध्यम अध्यक्ष पियारूल इस्लाम, शाहीन परवेज, युवा जिलाध्यक्ष बिलाल शेख, प्रखंड अध्यक्ष मनसारुल हक, मुख्तार हुसैन, असद हुसैन उर्फ राजू सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।







