पॉक्सो, एनडीपीएस व आईटी एक्ट के मामलों का समयबद्ध निष्पादन, सड़क सुरक्षा, साइबर अपराध और जन शिकायतों के त्वरित निपटारे पर जोर।
पाकुड़। जिले में अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शनिवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह की अध्यक्षता में मासिक अपराध समीक्षा बैठक हुई। बैठक में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पुलिस निरीक्षक, सभी थाना व ओपी प्रभारी तथा शाखा प्रभारी शामिल हुए। बैठक में लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन, सड़क सुरक्षा, साइबर अपराध की रोकथाम और आम लोगों की शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना और ओपी प्रभारियों को पॉक्सो एक्ट, आईटी एक्ट तथा एनडीपीएस एक्ट से जुड़े मामलों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही लंबित वारंट, कुर्की और पुराने कांडों के निष्पादन में तेजी लाने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुसंधान कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को जिला परिवहन पदाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर नियमित वाहन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया। जांच के दौरान हेलमेट, सीट बेल्ट, वाहन के कागजात और बीमा की जांच के साथ ड्रंक एंड ड्राइव के खिलाफ अभियान चलाकर मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई करने को कहा गया। सड़क दुर्घटना से जुड़े सभी मामलों की ई-डार (e-DAR) पोर्टल पर समय पर प्रविष्टि सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया।
बैठक में चोरी, लूट, डकैती और गृहभेदन जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नियमित गश्ती और सघन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा लंबित चरित्र सत्यापन, पासपोर्ट सत्यापन और परिवाद पत्रों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया। एसपी ने थाना एवं ओपी प्रभारियों को निर्देश दिया कि थाने आने वाले फरियादियों के साथ शालीन व्यवहार करें और उनकी शिकायतों पर बिना अनावश्यक विलंब के विधिसम्मत कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास बनाए रखना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। बैठक में सड़क सुरक्षा, साइबर अपराध, मानव तस्करी, नशामुक्ति, महिला उत्पीड़न, डायन प्रथा, बाल विवाह और अन्य सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ प्रत्येक माह स्कूलों, कॉलेजों, हाट-बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। वहीं, पिछले पांच वर्षों में संपत्तिमूलक अपराधों में सक्रिय अपराधियों के विरुद्ध सीसीए, निगरानी पंजी और गुंडा पंजी की कार्रवाई तेज करने को कहा गया। नाबालिग बच्चों की गुमशुदगी से संबंधित मामलों की मिशन वात्सल्य पोर्टल पर प्रविष्टि के लिए पुलिस पदाधिकारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया।
बैठक के दौरान हाल ही में शांतिपूर्ण संपन्न हुई रथ यात्रा में उत्कृष्ट ड्यूटी निभाने वाले पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को सम्मानित किया गया। समीक्षा बैठक के बाद आयोजित पुलिस सभा में पुलिस अधीक्षक ने पुलिसकर्मियों की समस्याएं भी सुनीं और उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।








