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October 30, 2026 11:07 pm

पाकुड़ स्टेशन की बदहाली पर सुरेश अग्रवाल ने उठाई आवाज, बोले- रामपुरहाट और नलहटी की तर्ज पर हो कायाकल्प

पार्किंग की कमी से लेकर यात्री सुविधाओं तक पर रेलवे को घेरा, छोटे पार्क की जगह चारपहिया वाहनों के लिए पार्किंग बनाने का दिया सुझाव

पाकुड़ रेलवे स्टेशन की बदहाल बुनियादी सुविधाओं और सीमित पार्किंग व्यवस्था को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सुरेश कुमार अग्रवाल ने रेलवे और जिला प्रशासन के समक्ष सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि जब रामपुरहाट और नलहटी जैसे रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा सकता है, तो पाकुड़ स्टेशन को इस दिशा में पीछे क्यों रखा जाए? उन्होंने रेल मंत्रालय और हावड़ा मंडल के अधिकारियों से पाकुड़ स्टेशन का भी उसी तर्ज पर कायाकल्प करने की मांग की है। सुरेश अग्रवाल ने कहा कि पाकुड़ रेलवे स्टेशन झारखंड और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्र का महत्वपूर्ण स्टेशन होने के साथ हावड़ा रेल मंडल के लिए भी अहम है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है। इसके बावजूद स्टेशन परिसर को आधुनिक और आकर्षक स्वरूप देने की जरूरत बनी हुई है। उन्होंने मांग की कि स्टेशन पर आधुनिक प्रवेश द्वार, आकर्षक भवन, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, बैठने की पर्याप्त सुविधा और अन्य यात्री सुविधाओं का विस्तार किया जाए।

पार्किंग के नाम पर परेशानी, कब जागेंगे रेलवे के अधिकारी?

अग्रवाल ने स्टेशन की पार्किंग व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। उनका कहना है कि मुख्य प्रवेश और निकास मार्ग के सामने पर्याप्त जगह होने के बावजूद वर्तमान पार्किंग स्थल छोटा पड़ रहा है। चारपहिया वाहनों से आने वाले यात्रियों को वाहन खड़ा करने में परेशानी होती है। कई बार इसी वजह से स्टेशन के मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति बन जाती है। उन्होंने एक व्यावहारिक सुझाव देते हुए कहा कि स्टेशन के सामने स्थित छोटे पार्क का स्थल निरीक्षण कराया जाए। यदि तकनीकी और प्रशासनिक दृष्टि से उचित हो, तो पार्क को किसी वैकल्पिक स्थान पर स्थानांतरित कर वहां व्यवस्थित चारपहिया वाहन पार्किंग विकसित की जा सकती है। इससे यात्रियों, प्रशासनिक अधिकारियों और अतिथियों को राहत मिलेगी तथा मुख्य मार्ग पर यातायात का दबाव भी कम होगा।

रेलवे और जिला प्रशासन को संयुक्त पहल की चुनौती

सुरेश अग्रवाल ने रेल मंत्री, पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक, हावड़ा मंडल के डीआरएम और जिला प्रशासन से इस मामले में संयुक्त पहल करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि केवल आश्वासन से समस्या का समाधान नहीं होगा। अधिकारियों को स्थल निरीक्षण कराकर सौंदर्यीकरण और पार्किंग विस्तार की ठोस कार्ययोजना तैयार करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशन किसी भी शहर की पहली पहचान होता है। पाकुड़ की पहचान को बेहतर बनाने और यात्रियों को सम्मानजनक सुविधाएं देने के लिए स्टेशन का आधुनिकीकरण जरूरी है। अब देखना होगा कि रेलवे के जिम्मेदार अधिकारी सुरेश अग्रवाल की इस मांग पर कब तक संज्ञान लेते हैं और पाकुड़ स्टेशन के कायाकल्प की दिशा में कब ठोस कदम उठाते हैं।

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