स्वराज सिंह
पाकुड। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेष नाथ सिंह की अदालत ने शुक्रवार को 22 वर्षिया पत्नी सोहामुनी टुडू के साथ मारपीट और गाली गलौज करने के अलावा एक दिन जंगल ले जाकर जान से मारने की नीयत से हंसुआ से बुरी तरह घायल करने का दोषी पाकर 30वर्षीय पति बाबूलाल सोरेन को तीन साल की सजा और दस हजार रुपया जुर्माना करने की सजा सुनायी।जुर्माना की राशि नहीं देने पर उसे अतिरिक्त दो माह जेल में रहना पड़ेगा। न्यायधीश ने इसके अलावा बाबूलाल को अन्य दो धाराओं में एक साल एवं एक माह की सजा एवं क्रमशः एक हजार रुपया व 500 रुपया जुर्माना करने की सजा सुनायी।जुर्माना की राशि नहीं देने पर उसे क्रमशः एक माह एवं 6 दिन और जेल में रहना पड़ेगा। बाबूलाल सोरेन आमड़ापाड़ा थाना के जामुगाड़िया और सोहामुनी टुडू लिट्टीपाड़ा थाना के राणबहियार के रहने वाले है।सोहामुनी ने 7 सितंबर 2020 को घटना को लेकर लिट्टीपाड़ा थाना में कांड संख्या 38/20 दर्ज की थी। इसके अनुसार दोनों की शादी तीन साल पूर्व हुई थी। शादी के 5माह बाद पति काम करने के लिए हैदराबाद चला गया था। घर लौटने के बाद पति को शक हुआ की उसके अनुपस्थिति पत्नी दूसरे मर्द से मिलते था।इसको लेकर पति -पत्नी के बीच का संबंध ठीक नहीं। इसको लेकर पति अपने पत्नी के साथ मारपीट और गाली गलौज करने लगे। इससे बचने के लिए पत्नी अपना नैहर रणबहियार चली गई । इसी बीच बाबूलाल 2सितंबर 2020को पत्नी से मिलने ससुराल पहुंचा और पत्नी को मनाने में सफल हो गया। बाबूलाल ने एक दिन पत्नी को जंगल ले गया। उसने जान से मारने की नीयत से पत्नी पर हंसुआ कई वार किया।उसके चिल्लाने पर वहां आसपास के लोग आ गए। बेहोश हो चुकी सोहामुनी अपने को दूसरे दिन लिट्टीपाड़ा अस्पताल में पायी थी।





