पाकुड़। अमड़ापाड़ा के किशुन वर्मा ज्वेलर्स लूटकांड का महज 10 दिनों में खुलासा सिर्फ गिरफ्तारी की कहानी नहीं, बल्कि बेहतर पुलिसिंग, सटीक रणनीति और टीमवर्क का परिणाम है। घटना के बाद पुलिस मुख्यालय स्तर से मिले मार्गदर्शन के साथ डीआईजी व आईजी स्तर के अधिकारियों के निर्देशन में एसपी अनुदीप सिंह ने मामले की लगातार मॉनिटरिंग की। इसके बाद महेशपुर एसडीपीओ विजय कुमार के नेतृत्व में गठित छह टीमों की एसआईटी ने मानवीय, वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों को जोड़ते हुए अपराधियों तक पहुंच बनाई।
वरिष्ठ अधिकारियों ने तय की रणनीति, एसपी ने की मॉनिटरिंग
घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच को सामान्य पुलिसिंग से अलग रखते हुए विशेष रणनीति के तहत आगे बढ़ाया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में एसपी अनुदीप सिंह ने जांच की दिशा, टीमों की कार्रवाई और प्राप्त सुरागों की लगातार समीक्षा की। हर नए इनपुट को तकनीकी और जमीनी जांच से जोड़कर आगे बढ़ाया गया।
एसडीपीओ के नेतृत्व में छह टीमों ने संभाला मोर्चा
महेशपुर एसडीपीओ विजय कुमार के नेतृत्व में छह अलग-अलग टीमों को जिम्मेदारी दी गई। अमड़ापाड़ा, महेशपुर, पाकुड़िया, लिट्टीपाड़ा समेत अन्य थाना क्षेत्रों के पुलिस पदाधिकारियों के साथ तकनीकी और साइबर टीम को भी जांच में जोड़ा गया। अलग-अलग स्तर पर जुटाए गए इनपुट को आपस में मिलाकर कार्रवाई की गई।
तकनीकी जांच और जमीनी पुलिसिंग का बनाया गया कॉम्बिनेशन
SIT ने केवल पारंपरिक तरीके से जांच नहीं की, बल्कि मानवीय सूचना, तकनीकी साक्ष्य और वैज्ञानिक अनुसंधान को एक साथ इस्तेमाल किया। तकनीकी शाखा और साइबर सेल से मिले इनपुट को जमीनी स्तर पर सत्यापित किया गया। इसी प्रक्रिया में पुलिस अपराधियों के ठिकाने तक पहुंचती गई और लगातार छापेमारी के बाद तीन आरोपियों को दबोच लिया गया।
कई जिलों में वांछित अपराधी तक पहुंची पुलिस
पुलिस की इस कार्रवाई की खास सफलता यह रही कि गिरफ्तार आरोपियों में प्रवीण कुमार उर्फ पारो उर्फ प्रवीण कुमार यादव भी शामिल है। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ देवघर, बोकारो, जामताड़ा और गोड्डा में लूट, डकैती, फायरिंग और आर्म्स एक्ट समेत कई मामले दर्ज हैं। कई जिलों की पुलिस के लिए वांछित रहे आरोपी की गिरफ्तारी ने इस कार्रवाई को और महत्वपूर्ण बना दिया।
25 सदस्यीय टीम ने निभाई अहम भूमिका
एसआईटी में महेशपुर एसडीपीओ विजय कुमार के साथ अमड़ापाड़ा थाना प्रभारी अनुप रौशन भंगरा, महेशपुर थाना प्रभारी रवि शर्मा, पाकुड़िया थाना प्रभारी मनोज कुमार महतो, लिट्टीपाड़ा थाना प्रभारी विवेक कुमार, रद्दीपुर ओपी प्रभारी अजय कुमार उपाध्याय, सिमलौंग ओपी के दिलीप बास्की, मालपहाड़ी ओपी प्रभारी राहुल कुमार गुप्ता समेत कई पुलिस पदाधिकारी शामिल रहे। तकनीकी शाखा, साइबर सेल और अमड़ापाड़ा थाना के सशस्त्र बल ने भी अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बेहतर तालमेल बना कार्रवाई की सबसे बड़ी ताकत
इस पूरे ऑपरेशन में किसी एक टीम की कार्रवाई के बजाय वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन, एसपी की मॉनिटरिंग, एसडीपीओ के नेतृत्व और छह टीमों के आपसी तालमेल ने परिणाम दिया। एक टीम से मिले इनपुट को दूसरी टीम ने आगे बढ़ाया और तकनीकी शाखा ने उसे वैज्ञानिक साक्ष्यों से मजबूत किया। यही समन्वित पुलिसिंग अपराधियों तक पहुंचने में निर्णायक साबित हुई।
पुलिस टीम की मेहनत बनी सफलता की वजह
अमड़ापाड़ा लूटकांड का 10 दिन में खुलासा यह दिखाता है कि गंभीर अपराध के बाद यदि वरिष्ठ स्तर से स्पष्ट दिशा, लगातार मॉनिटरिंग और जमीनी टीमों के बीच बेहतर समन्वय हो तो पुलिस कम समय में बड़े परिणाम हासिल कर सकती है। इस कार्रवाई में शामिल वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर SIT के प्रत्येक पुलिस पदाधिकारी और जवान तक सभी बधाई के पात्र हैं। अब पुलिस की चुनौती इस कांड में शामिल शेष अपराधियों और पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की है।










