ग्रामीणों की मुख्य मांग पानी, बिजली, शिक्षा और सड़क को लेकर डरे सहमे हुए नजर आ रहे सभी उम्मीदवार, वोट मांगने की जता रहे हिम्मत
लोस चुनाव में खड़े सभी प्रत्याशी के पसीने छुड़ा सकते है लिट्टीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण
सरकार जिस किसी भी बनी लेकिन हमेशा उपेक्षा का शिकार हुए लिट्टीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण
वोट मांगकर चोट देने वाले प्रत्याशियों से सतर्क है इस बार ग्रामीण।
प्रशांत मंडल
पाकुड़: पाकुड़ के लिट्टीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण लगातार उपेक्षा का शिकार होने को लेकर इस बार जवाब देते नजर आ रहे है।चार दशकों से ज्यादा राज करने वाली पार्टी ने अपनी जनता के साथ घोर उपेक्षा की है।क्षेत्र के ग्रामीणों ने बताया की हर चुनाव में हम बड़ चढ़ कर हिस्सा लेते है लेकिन चुनाव जीतने के बाद नेता गण क्षेत्र का दौरा कम अपने ऐशो आराम की जिंदगी में लग जाते हैं, लिट्टीपाड़ा प्रखंड के कई ग्रामीण क्षेत्र ऐसे हैं जहां आज तक ना बिजली पहुंची, ना सड़क पहुंची, पानी की कोई व्यवस्था नहीं और शिक्षा भी दम तोड़ती नजर आती है, ग्रामीणों के द्वारा पानी की मांग, सड़क की मांग, बिजली की मांग को लेकर जब हल्ला बोल किया जाता है, धरना प्रदर्शन किया जाता है तब शासन प्रशासन की आंखें खुलती है तब दौड़े दौड़े नजर आते हैं शासन व प्रशासन ग्रामीणों के सामने घुटने टेके खड़े नजर आते हैं।आश्वासन दिया जाता है और कुछ समय भी लिया जाता है लेकिन फिर वही ढाक के तीन पात वाली कहानी बयान होती है। कुछ छात्र-छात्राओं ने बताया विश्वास नहीं होता कि हम डिजिटल भारत में रहते हैं जहां विकास की गाथा टीवी पर चीख चीख कर नेता गण कहते हैं शायद उन नेताओं को पाकुड जिला के लिट्टीपाड़ा प्रखंड के बारे में पता ना हो, जान गए तो उन नेताओं का लिट्टीपाड़ा प्रखंड का विकास देखकर शर्म आएगी। लिट्टीपाड़ा प्रखंड के कई ग्रामीण इलाकों पर दिनचर्या के साथ पानी की जुगाड़ को लेकर ग्रामीणों की भाग दौड़ शुरू हो जाती है, कई किलोमीटर का सफर कर पानी जुगाड़ कर पाते हैं ग्रामीण।कुछ यही हाल शिक्षा का भी है कई किलोमीटर उबड़ खाबड़ रास्ते पर पैदल चलकर बच्चे स्कूल पहुंचते हैं इस उबड़ खाबड़ रास्ते से पैदल चलना भी एक जोखिम भरा है कई बार तो बच्चे घायल भी हो चुके हैं लेकिन सुध लेने वाला आजतक कोई नहीं पहुंचा। सरकार की जन कल्याणकारी योजना सरकार आपके द्वारा तो पहुंच गई ग्रामीणों के घर लेकिन विकास अब भी कोसों दूर।






