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June 19, 2026 2:01 pm

CJI को एक चिट्ठी लिखने की देर है और… राष्ट्रपति की मौजूदगी में क्या बोले जस्टिस चंद्रचूड़?

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संविधान दिवस के अवसर पर 26 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट परिसर में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण किया. इस दौरान चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल समेत उच्चतम न्यायालय के तमाम न्यायाधीश मौजूद थे. अनावरण कार्यक्रम में CJI चंद्रचूड़ ने सुप्रीम कोर्ट के कामकाज और संविधान पर विस्तार से बात की.

सीजेआई चंद्रचूड़ (CJI DY Chandrachud) ने कहा कि हमारे संविधान ने हमें यह अधिकार दिया है कि राजनीतिक मतभेद को लोकतांत्रिक संस्थाओं के जरिए सुलझा सकें. सुप्रीम कोर्ट ऐसे तमाम मतभेदों को सुलझाने का माध्यम बना है. पिछले सात दशक के दौरान उच्चतम न्यायालय ने ‘जनता की अदालत’ की तरह कार्य किया है. देश के हजारों नागरिक, इस आस के साथ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हैं कि यहां उन्हें न्याय मिलेगा.

CJI चंद्रचूड़ ने कहा कि देश के नागरिक अपनी व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा, अवैध गिरफ्तारी से बचाव, बंधुआ मजदूरी से सुरक्षा, बेसहारा लोगों का अधिकार और साफ हवा जैसी मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट आते हैं. ये ऐसे केसेज हैं, जिन्हें सिर्फ आंकड़ों में नहीं गिना जा सकता, बल्कि ये मामले देश के नागरिकों की सुप्रीम कोर्ट से अपेक्षा को दर्शाते हैं.

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एक चिट्ठी लिखने की देर और…
जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि भारत का उच्चतम न्यायालय संभवत: दुनिया का इकलौता ऐसा कोर्ट है, जहां कोई भी आम नागरिक चीफ जस्टिस को एक चिट्ठी लिखकर सरकारी और संवैधानिक मशीनरी को एक्टिव कर सकता है. प्रधान न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट एक तरफ यह सुनिश्चित कर रहा है कि नागरिकों को न्याय मिले. दूसरी तरफ, इस बात पर भी ध्यान दे रहा है कि हमारी प्रशासनिक प्रणाली नागरिक केंद्रित हो, ताकि लोग कोर्ट से जुड़ाव महसूस कर करें.

क्या-क्या कर रहा सुप्रीम कोर्ट?
सीजेआई ने बताया कि इसी क्रम में अदालत की कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग की जा रही है. सुप्रीम कोर्ट, अपने फैसलों को क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग का भी सहारा ले रहा है. जस्टिस चंद्रचूड़ ने बताया कि अपनी पहली सिटिंग के बाद से 25 नवंबर 2023 तक, सुप्रीम कोर्ट 36,068 फैसले सुना चुका है. यह सभी फैसले अंग्रेजी में हैं.

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E-SCR भी लॉन्च
सीजेआई चंद्रचूड़ ने रविवार को E-SCR की लॉन्चिंग भी की. बताया कि इसपर हिंदी में 21,388 जजमेंट मौजूद हैं. इसके अलावा पंजाबी, तमिल, गुजराती, मराठी, मलयालम, बंगाली, उर्दू जैसी भारतीय भाषाओं में भी 9276 फैसले अनूदित हो चुके हैं.

Tags: DY Chandrachud, Justice DY Chandrachud, President Draupadi Murmu, Union Minister Arjun Ram Meghwal

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