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May 10, 2026 10:35 am

कृषि तकनीकी सूचना केंद्र में तीन दिवसीय समेकित कृषि प्रणाली प्रशिक्षण का हुआ प्रारंभ।

प्रशांत मंडल

लिट्टीपाड़ा ( पाकुड़)कृषि विज्ञान केन्द्र महेशपुर द्वारा कृषि तकनीकी सूचना केंद्र लिट्टीपाड़ा में पचास किसानों को समेकित कृषि प्रणाली के तहत 22 जुलाई से 24 जुलाई 2024 तक तीन दिवसीय प्रशिक्षण प्रारंभ किया गया।इस प्रशिक्षण में कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक डॉ संजय कुमार ने समेकित खेती एवं इसकी उपयोगिता के बिंदुओं विन्दु पर प्रकाश डालते हुए बताया कि समेकित कृषि पद्धति में एक फोमिंग का सह उत्पाद दूसरे फोमिंग में निवेश होना साथ ही दूसरे फॉर्मिंग का सह उत्पाद पहले में निवेश करने से लागत में कमी एवं लाभ में बढोत्तरी के गुढ़ बताये साथ ही समेकित खेती में सुकर सह बतक सह मछली पालन, धान सह मछली, धान सह अजोला, गाय सह मछली, बकरी सह मछली उत्पादन के वैज्ञानिक उन्नत तरीके बताएं।कृषि विज्ञान केंद्र, महेशपुर के मृदा वैज्ञानिक डाक्टर बिनोद कुमार ने जैविक खाद के रूप में कम्पोस्ट, वर्मी कम्पोस्ट, गोवर खाद, विभिन्न पशुओं का मल, जीवाणु खाद, हरित खाद इत्यादि के उपयोग के बारे में विस्तार से बताया साथ ही उन्होंने कम लागत में मोटे अनाज की खेती कर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर किसानों के अपनी आमदनी बढ़ाने की जानकारी दिए।उन्होंने बताया कि मोटे अनाज की फसलों की बुआई से लेकर पकने तक अधिक पानी (सिंचाई) की जरूरत अन्य फसलों के अनुपात कम होती है और ईन फसलों में रोग एवं कीड़े का प्रकोप नहीं के बराबर होता है और कम पोषक तत्व वाले मिट्टी में इसकी खेती हर तरह से लाभकारी साबित होता है।कृषि वैज्ञानिक अभियंत्रण के सुरेन्द्र सिंह मुंडा ने कृषको के कृषि यंत्र, उपकरण मोल्ड बोर्ड हल (मिट्टी पलट हल), कल्टीवेटर, डिस्क हैरो रोग वेटर इत्यादि सहित निकाई-गुराई, कटाई दौनी इत्यादि के बारे में विस्तार पूर्वक उपस्थित सभी किसानों को विस्तृत जानकारी दिए।इस आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रखंड कृषि पदाधिकारी के.सी.दास, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक रामेश्वर मुर्मू, प्रवाह एन.जी.ओ के प्रोजेक्ट मैनेजर संग्राम राय चौधरी, एग्रीकल्चर एक्सपर्ट नीतू सिंह, लाईवलीहूड एक्सपर्ट सद्दाम हुसैन सहित कई ग्राम पंचायतों के कुल 50 किसानों ने प्रशिक्षण में भाग लिया।

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