डीबीएल कोल कंपनी की मनननी नहीं चलने देंगे: एसोसिएशन
सतनाम सिंह
पाकुड़: डीबीएल कोल कम्पनी की मनमानी से इन दिनों ट्रांसपोर्टर और हाईवा मालिक परेशान हैं। जिसको देखते हुए रविवार को लड्डू बाबू आम बागान में पचुवाड़ा कोल ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के बैनर तले ट्रांसपोर्टर और हाईवा मालिक की अहम बैठक हुई। आयोजित बैठक में तकरीबन सौ से भी ज्यादा ट्रांसपोर्टर और हाईवा मालिक शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष कुमार रजक ने किया। जिसमें बिल में कटौती, बाहरी ट्रांसपोर्टरों को लाना, जर्जर सड़क की मरम्मत नहीं कराना, वायदे के मुताबिक मुताबिक हर साल बिल में बढ़ोत्तरी नहीं करना जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा करते हुए चक्का जाम की चेतावनी दी गई।एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष कुमार रजक ने कहा कि अप्रैल महीने में गाड़ी चलाई गई और मई महीने में जब बिल जमा करने गए तो कंपनी के द्वारा 302 रुपए की जगह 300 रुपए के हिसाब से बिल जमा करने को कहा गया। कंपनी के वायदे के मुताबिक पांच प्रतिशत के हिसाब से हर साल बिल में बढ़ोत्तरी के बजाय कटौती करना कहां का इंसाफ हैं। यह सरासर नाइंसाफी और तानाशाही रवैया है। इसी के खिलाफ तीन महीने से ट्रांसपोर्टर और गाड़ी मालिक आंदोलन कर रहे हैं। इस पर गत कल कंपनी से सकारात्मक पहल हुई। कंपनी के एबीपी साहब ने सकारात्मक पहल की बातें कही। अगले दिन जब फिर बिल जमा करने गए, तो एचआर ने कह दिया कि अभी कंपनी से अपडेट नहीं मिला है। अगर बिल में दो रुपए की वृद्धि नहीं हुई तो हम सब बैठकर एक निर्णय लेंगे और तीन दिन में रेट कंप्लीट करने की मांग रखेंगे। अगर रेट कंप्लीट नहीं हुआ तो आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेंगे। अध्यक्ष संतोष कुमार रजक ने कहा कि रेट को छोड़कर कई अन्य मुद्दे भी हैं। जिस पर आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि डीबीएल कंपनी के द्वारा बाहरी ट्रांसपोर्टर को लाया जा रहा है। सिर्फ ट्रांसपोर्टर ही नहीं ट्रांसपोर्टर के साथ-साथ गाड़ियां भी लाई जा रही है। जबकि सरकार 75 प्रतिशत स्थानीय को जोड़ने की बात कहती हैं। यहां के स्थानीय लोग कोयले के डस्ट का दंश झेलें और बाहरी लोगों को काम मिले, यह कहां का इंसाफ है। उन्होंने कहा कि कंपनी के द्वारा यह कहकर चौदह चक्का वाहनों को निकालना चाहती है कि इन वाहनों के ब्रेकडाउन हो रहे हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि कंपनी का रोड ही जर्जर अवस्था में है। पूरे सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे उभर आए हैं। जिस वजह से गाड़ी चलाने में भी दिक्कतें होती है। इसलिए कंपनी रास्ता का मरम्मत कराएं। अगर चौदह चक्का वाहनों को निकालने की बात करेंगे, तो इसके खिलाफ जोरदार आंदोलन होगा। अध्यक्ष संतोष कुमार रजक ने कहा कि असामाजिक तत्वों के करतूतों से भी ट्रांसपोर्टर और वाहन मालिक परेशान है। एक्सीडेंट या अन्य हालातों में गाड़ियों में तोड़फोड़ कर भारी नुकसान पहुंचाया जाता है। उन्होंने कहा कि गाड़ियों को तोड़कर असामाजिक तत्व तेल लूटकर ले जाते हैं। इन सब के खिलाफ कंपनी कोई कार्रवाई नहीं करती। अगर ऐसे लोगों के खिलाफ केस नहीं बनेंगे, गिरफ्तारी नहीं होगी तो मनोबल तो बढ़ेगा ही। उन्होंने कहा कि इन सारे मुद्दों को लेकर आज की मीटिंग में कई अहम निर्णय लिया गया। अगर कंपनी इस पर पहल नहीं करती है, तो तीन दिनों के अंदर चक्का जाम करेंगे। अध्यक्ष संतोष कुमार रजक ने कहा कि ट्रांसपोर्टर और वाहन मालिकों के कुछ मुद्दों को लेकर उपायुक्त महोदय और पुलिस अधीक्षक महोदय का सकारात्मक सहयोग या पहल रहा है। आगे भी हम मांग करते हैं कि प्रशासन हमारे परेशानियों को देखते हुए कंपनी से बात कर निष्कर्ष निकालें। बैठक में उपाध्यक्ष बृजमोहन साह ने कहा कि 10 प्रतिशत के हिसाब से बढ़ोतरी की बात हुई थी। कंपनी ने अपने वादे को नहीं निभाया। उन्होंने कहा कि डीबीएल और बीजीआर दोनों कंपनी मिलकर जर्जर रास्ता का हल निकाले। एसोसिएशन 24 घंटा कंपनी के साथ खड़ी है। बैठक में कोषाध्यक्ष सुबीर साह, सुमन भगत, अमित भगत, संतोष सिंह, राहुल सिंह, गुलाम मुस्तफा, गौरव चौधरी, आशुतोष भगत, रंजीत भगत, रोहन भगत आदि मौजूद थे।






