इकबाल हुसैन
महेशपुर (पाकुड़): प्रखंड के घाटचोरा स्थित डिग्री कॉलेज में गुरुवार को “भारतीय ज्ञान परंपरा” विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में झामुमो केंद्रीय समिति सदस्य उपासना मरांडी मुख्य रूप से शामिल हुईं। कार्यक्रम में कॉलेज प्राचार्य डॉ. मसूद अहमद ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। यह संगोष्ठी झारखंड राज्य उच्च एवं तकनीकी शिक्षा परिषद तथा उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, झारखंड सरकार, रांची के सहयोग से आयोजित की गई। कार्यक्रम में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, भारतीय ज्ञान परंपरा और शिक्षा के भारतीय मूल्यों की समकालीन प्रासंगिकता पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम का आयोजन माननीय कुलपति प्रो. डॉ. कुणाल कांडिर तथा एसकेएमयू के रजिस्ट्रार डॉ. राजीव रंजन शर्मा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस अवसर पर शिक्षाविदों, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों ने भारतीय शिक्षा प्रणाली की ऐतिहासिक विरासत और उसके आधुनिक स्वरूप पर अपने विचार साझा किए।
अपने संबोधन में उपासना मरांडी ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य की शिक्षा व्यवस्था के लिए भी एक महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और आत्मनिर्भरता को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विशेष रूप से आदिवासी समाज के पारंपरिक ज्ञान, लोकसंस्कृति और अनुभवजन्य शिक्षाओं को भारतीय ज्ञान प्रणाली का अभिन्न हिस्सा बताते हुए इन्हें मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने युवाओं से अपनी सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखते हुए आधुनिक शिक्षा को अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में डिग्री कॉलेज महेशपुर के प्राचार्य डॉ. मसूद अहमद, शिक्षाविद् एवं अन्य प्राध्यापकगण सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।








