हर पंचायत में स्वच्छता की अलख, विश्व पर्यावरण दिवस पर होगा अभियान का समापन।
पाकुड़। ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से जिले में सोमवार से ‘स्वच्छ गांव, सुरक्षित जलवायु’ अभियान की शुरुआत हो गई। पांच दिनों तक चलने वाले इस विशेष अभियान के सफल संचालन को लेकर जिला स्तरीय जूम बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता उप विकास आयुक्त सह स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के नोडल पदाधिकारी अरविंद कुमार लाल ने की। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करने और पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का रूप देने पर जोर दिया गया। उप विकास आयुक्त ने कहा कि अब प्रत्येक परिवार स्तर पर कचरे को चार अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित करने की व्यवस्था को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके साथ ही घर-घर कचरा संग्रहण प्रणाली को मजबूत किया जाएगा, कचरा डंपिंग स्थलों का सूचीकरण होगा तथा बल्क वेस्ट जेनरेटर की पहचान और पंजीकरण भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के अनुरूप पंचायतों की भूमिका को और प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि गांवों में स्वच्छता के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी सुनिश्चित किया जा सके। जिला पंचायती राज पदाधिकारी प्रीतिलता मुर्मू ने कहा कि स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। सभी विभागों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के सामूहिक प्रयास से जिले को स्वच्छ, हरित और टिकाऊ विकास की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है। अभियान के तहत 2 जून को पंचायतों का स्थल निरीक्षण एवं मूल्यांकन, 3 जून को ग्रामीणों के साथ परामर्श बैठक और बल्क वेस्ट जेनरेटर की पहचान, 4 जून को स्वच्छता श्रमदान एवं हरित ग्राम अभियान तथा 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विशेष ग्राम सभाएं और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता अनंत प्रसाद सिंह, जिला समन्वयक सुमन कुमार मिश्रा, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।








