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April 29, 2026 11:29 am

चंद्रघंटा माता की आराधना से मिलेगी शक्ति और सिद्धि।

राजकुमार भगत

दुर्गा माता के नौ स्वरूपों में से तीसरा स्वरूप चंद्रघंटा माता का है। नवरात्रि के तीसरे दिन चंद्रघंटा माता की पूजा की जाती है। चंद्रघंटा माता का नाम उनके माथे पर चंद्रमा के आकार के घंटे से लिया गया है।

चंद्रघंटा माता की विशेषताएं:

  • चंद्रघंटा माता की पूजा से भक्तों को शक्ति, सिद्धि और आत्मविश्वास मिलता है।
  • वे अपने भक्तों को संकटों से मुक्ति दिलाती हैं।
  • चंद्रघंटा माता की आराधना से मन की शांति और स्थिरता प्राप्त होती है।
  • उनकी पूजा से व्यक्ति को अपने लक्ष्यों की प्राप्ति में मदद मिलती है।

चंद्रघंटा माता की पूजा विधि:

  • नवरात्रि के तीसरे दिन स्नान और पूजा के बाद चंद्रघंटा माता की तस्वीर या मूर्ति के सामने खड़े होकर पूजा करें।
  • उन्हें सफेद फूल, अक्षत, और सफेद मिष्ठान्न अर्पित करें।
  • उनके मंत्र का जाप करें: “ॐ ऐं चंद्रघंटायै नमः”

चंद्रघंटा माता की कृपा से आपको शक्ति, सिद्धि और आत्मविश्वास प्राप्त होगा।

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