उपायुक्त ने कोल कंपनी बीजीआर और डीबीएल को भी अंडरलोड कोयला ढुलाई करने का निर्देश दिया
बिक्की सन्याल
पाकुड़। पाकुड़ डीसी वरुण रंजन द्वारा अचानक कड़ा रुख अपनाए जाने के बाद जिलेभर में अवैध माइनिंग से लेकर ओवरलोड ट्रांसपोटिंग का कारोबार पर अचानक ब्रेक लग गई है। पत्थर से लेकर बालू और कोयले का काला कारोबार जिले में गुपचुप तरीके से चलता आ रहा था लेकिन सोमवार को जिला टास्क फोर्स की बैठक में जिले भर सीओ से लेकर थानेदार को अवैध खनन और परिवहन के कारोबार में अधिकारियों के संलिप्त होने की बात सामने आने पर सीधे अब अधिकारियों पर ही कार्रवाई करने का फरमान जारी करने पर सभी थानेदार से लेकर सीओ और खनन, परिवहन विभाग के अधिकारी हरकत में आ गए हैं। डीटीओ संतोष कुमार गर्ग लगातार दो दिनों से ओवरलोड ट्रक के विरुद्ध छापेमारी अभियान देर रात तक चलाकर लिट्टीपाड़ा और अमड़ापाड़ा में पांच बालू और ट्रक से लदी ईंट को जप्त किया है। उधर महेशपुर और अमड़ापाड़ा इलाके में बांसलोई नदी से अवैध बालू के उठाव पर भी पूर्णत रोक लग गई है। पाकुड़ में भी अब ओवरलोड पत्थर और गिट्टी से लदी ओवरलोड ट्रकों पर लगाम लगता दिख रहा है। हालांकि यह तेवर अगर डीसी पहले अपनाएं होते तो शायद पाकुड़ में यह कारोबार इतना नहीं पनपता, और यह मामला सुर्खियों में नहीं आता।
बीजीआर और डीबीएल को भी अंडरलोड कोयला ढुलाई का फरमान जारी हुआ
ओवर लोड करने को लेकर गाड़ी मालिकों के द्वारा गाड़ी के वास्तविक डाला में गाड़ी मालिकों ने 2 फिट का अतिरिक्त डाला बढ़ाया हुआ है। इसका मतलब साफ है ओवर लोड की नियत से बढ़ाया गया है डाला, जिला परिवहन पदाधिकारी ने यह आज क्यों नही देखा या समझा…??
डीसी ने टास्क फोर्स की बैठक में बीजीआर और डीबीएल प्रबंधन को फटकार लगाते हुए पचुवाड़ा सेंट्रल कोल ब्लॉक और नॉर्थ कॉल ब्लाक से कोयले की ढुलाई पाकुड़ रेलवे साइडिंग तक करने के दौरान अंडरलोड करने को कहा है। बीजीआर और डीबीएल प्रबंधक ने डीसी के आदेश पर सभी ट्रांसपोर्टर और वाहन मालिकों के अंडरलोड कोयला की ढुलाई करने को कार्य शुरू कर दिया है। हालांकि अंडरलोड के दौरान अमड़ापाड़ा से लेकर पाकुड़ तक धड़ल्ले से कोयला डंपर से उतारने और चोरी का कार्य वर्षों से चलता रहा है। जिला प्रशासन के प्रयास के बावजूद भी प्रबंधन और प्रशासन कोयला चोरी पर रोक लगाने में नाकाम रही। हालांकि इसके आड़ में कई लोग कोयला चोरी का कारोबार ट्रक और ट्रैक्टर के जरिए कर मालामाल हो गए है। हालांकि इस काला कारोबार में पुलिस की भी भूमिका संदिग्ध रही है। लेकिन जिला प्रशासन द्वारा कोयला दुलाई पर अंडरलोड चलाने का फरमान कितने दिनों तक पालन होता है यह तो आने वाला समय ही बताएगा…?? अंडर लोड का परिवहन तभी संभव है जब प्रशासन के द्वारा गाड़ियों के वास्तविक डाला में बड़े अतिरिक्त डाला हटवाए जाएंगे।













