अक्षय कुमार
कुजू। कवि कुँवर नारायण की जयंती पर बाल विद्या मंदिर, आरा कोलियरी के प्राचार्य रंजीत कुमार सिंह ने जीडी न्यूज़ से बात करते हुए कहा कि कवि स्वर्गीय कुंवर नारायण आधुनिक हिंदी साहित्य के प्रमुख कवियों में से एक थे। वे नई कविता आंदोलन के महत्वपूर्ण कवि माने जाते हैं। उनकी कविताओं में मानवीय संवेदना, इतिहास, दर्शन, नैतिकता और आधुनिक जीवन की जटिलताओं का गहरा चित्रण मिलता है। उन्होंने आगे बताया कि- कुँवर नारायण का जन्म- 19 सितंबर 1927, फैज़ाबाद (वर्तमान अयोध्या), उत्तर प्रदेश में हुआ था। वहीं उनका निधन-15 नवंबर 2017 को नई दिल्ली में हुआ। उनकी साहित्यिक विधाएँ मे कविता, कहानी, आलोचनात्मक लेखन और अनुवाद शामिल है।

उनकी प्रमुख कृतियों में-
चक्रव्यूह- उनका पहला प्रमुख काव्य- संग्रह सहित कुँवर नारायण की कविता की कुछ प्रमुख विशेषताएँ में मानवीय मूल्यों पर जोर, इतिहास और मिथक का आधुनिक संदर्भ में प्रयोग, जीवन और मृत्यु जैसे दार्शनिक प्रश्नों पर विचार तर्कशील और चिंतनशील दृष्टिकोण रहा है साथ ही सरल लेकिन गहरी भाषा, हिंसा, कट्टरता और संकीर्णता के स्थान पर मानवीय विवेक और सह-अस्तित्व की भावना रही है। उन्हें साहित्य के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण सम्मान मिले, जिनमें साहित्य अकादमी पुरस्कार और ज्ञानपीठ पुरस्कार (2005) प्रमुख हैं। उन्हें पद्म भूषण (2009) से भी सम्मानित किया गया।

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