संजीव सिंह
विश्व यक्ष्मा दिवस 2023 के तहत 24 फ़रवरी से 24 मार्च तक जागरूकता अभियान का आयोजन होना है। जिसके तहत आज स्थानीय पाकुड़ पॉलीटेक्निक कॉलेज, पाकुड़ में जिला यक्ष्मा विभाग पाकुड़ एवं पिरामल स्वास्थ्य NGO के संयुक्त प्रयास से कॉलेज के बच्चों एवं शिक्षको के बीच टी. वी. बीमारी को लेकर जागरूकता अभियान चलाया गया।
इस दौरान जिला यक्ष्मा पदाधिकारी, पाकुड़ ने टी. वी. विमारी के लक्ष्ण, जाँच एवं उपचार की जानकारी दी। उन्होंने बताया की टी. वी. बीमारी माइक्रोबेकटेरियम ट्यूबर क्लोसिस बेक्टेरिया से होता है जो मुख्यतः फेफड़े को संक्रमित करती है यह मानव शरीर के अन्य हिस्सों पर भी हो सकती है। टी. वी. विमारी को आपसी सहभागिता से ही समाज से समाप्त की जा सकती है। वही जिला पीपीएम समन्वयक ने एक PPT के माध्यम से टीबी के बारे में बताया कि सामु. स्वा. केंद्र में टी. वी. के इलाज हेतू सभी सुविधाये उपलब्ध है साथ ही सरकार द्वारा सभी टी. वी. मरीजों को 500 रूपये 6 माह तक पोस्टिक आहार के सेवन हेतु दी जाती है। साथ ही उन्होंने बताया की दो सप्ताह से या उससे अधिक दिनों से खाँसी आने , वजन कम होने, बुखार आना, रात मे सोने समय अत्यधिक पसीना आना, अत्यधिक थकान होने पर नजदीकी स्वास्थ केंद्र जाकर बलगम की जाँच जरूर कराना जरुरी है। इसपर क्वीज, essay writing, चित्र कला आदि प्रतियोगिता आयोजित की गई।
कार्यक्रम में टीबी office के DPC, DPPMC, DEO, STS एवं कॉलेज के प्राचार्य डॉ सरोज पाढी, उप-प्राचार्य डॉ ऋषिकेश गोस्वामी, मुख्य प्रशासनिक पदाधिकारी निखिल चंद्रा, परीक्षा नियंत्रक अमित रंजन और सभी शिक्षक, शिक्षिका मौजूद रहे।







