प्रशांत मंडल
लिट्टीपाड़ा (पाकुड़)ग्रामीण सड़क का निर्माण की मांग को लेकर गुरुवार को ग्रामीणों ने धरमपुर गोड्डा नेशनल हाइवे को धनघरा के समीप जाम कर दिया। सड़क जाम की सूचना मिलते सिमलोंग ओपी प्रभारी टिंकू रजक पुलिस बल के साथ जाम स्थल पर पहुँचकर सड़क जाम मुक्त करने के लिए ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया ।पर ग्रामीण नही माने। ओपी प्रभारी द्वारा काफी प्रयास के उपरांत ग्रामीणों ने तीन बजे सड़क जाम को हटाया। तब जाकर यात्रियों ने राहत महसूस किया। धनघरा के ग्राम प्रधान सकल हांसदा समेत सेकड़ो ग्रामीण प्रातः दस बजे से सड़क के बीचोबीच बास का घेरा लगा कर सड़क को दोनो से अवरुद्ध कर दिया। जिसकी वजह से सड़क के दोनों तरफ सेकड़ो मालवाहक वाहन व यात्री बसे का लम्बी कतार लग गया था। यात्रियों ने हाथ जोड़कर विनती करने के बाबजूद ग्रामीण डटे रहे। ग्राम प्रधान का कहना है कि पीडब्लूडी धनघरा से मारीडीह होते हुए मांझी टोला तक पक्की सड़क बनना चाहिए। दोनो टोला में 72 परिवार रहते है। मुख्य सड़क से मारीडीह तक विगत 15 साल पूर्व ग्रेड सड़क बना था, जो आज कीचड़ में तब्दील हो गया है। हम ग्रामीणों को मुख्य सड़क तक लगभग दो किमी पैदल चलना भी काफी कष्टदायक है। ग्रेड वन सड़क में नुकीला पत्थर बिछाया हुआ था वह दलदल मिट्टी में धंस गया है और सड़क कीचड़मय हो गया है। जिसपर पैदल चलने से पैर कटने की संभावना रहती है। जिसमे कई लोग जख्मी भी हो चुके है। वही इस पथ पर साइकिल भी नही चलता है। मजबूरन हम ग्रामीणों को गाँव से बाहर बाजार या प्रखण्ड कार्यालय आने जाने के लिए खेत के मेड से जाना पड़ता है। ग्रामीण पथ का निर्माण के लिए दर्जन से ज्यादा बार जनता दरबार के साथ उपायुक्त पाकुड़ को आवेदन देने के बाबजूद हमारी समस्या पर कोई ध्यान नही दिया जा रहा है। जिससे मजबूर होकर आज हम ग्रामीणों ने सड़क जाम किये है। जबतक प्रशासन हमलोगों को सड़क बनाने का लिखित आश्वासन नही देगा, सड़क जाम जारी रहेगा। सड़क जाम स्थल पर ग्रामीण महिलाएं अपनी मांग को पूरा कराने के लिए सबसे ज्यादा एक्टिव थी। पुलिस द्वारा सड़क जाम को हटाने का आग्रह करने पर पुरुष वर्ग तैयार हो गया था। पर महिलाओ का कहना था जबतक जिला स्तर के अधिकारी यहां नही आएंगे और हमारे गाँव तक पैदल कीचड़ में नही चलेंगे तबतक जाम जारी रहेगा। अंत में ओपी प्रभारी व पुलिस कर्मियों के साथ सुबोधन मड़ैया व ग्राम प्रधान के द्वारा ग्रामीणों को समझाया गया कि आज छुट्टी है इसलिए कोई अधिकारी आपकी समस्या सुनने नही आएंगे। तब जाकर ग्रामीण सड़क से हटा और सड़क पर आवागमन चालू हुआ। मौके पर ग्रामीण माइकिल सोरेन, महेश मड़ैया, मोहन हांसदा, सुनील हांसदा, सोनाराम मड़ैया, बाबुधन हांसदा, संझली हेम्ब्रम, मरांगमय किस्कू समेत सेकड़ो लोगो ने सड़क जाम को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाया।












