सतनाम सिंह
ट्रैक्टर में आगे पीछे नंबर आवश्यक, किसी भी परिस्थिति में मशीन का प्रयोग नहीं होगा
गुरुवार देर शाम को समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त की अध्यक्षता में जिलान्तर्गत कैटेगरी-1 बालू घाट से संबंधित समीक्षात्मक बैठक की गई।बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी-सह-पंचायत राज पदाधिकारी संजय पीएम कुजूरके द्वारा बताया कि जिला अंतर्गत कैटेगरी-1 के कुल 12 बालू घाट है। महेशपुर प्रखंड में कुल पांच बालू घाट बांसलोई नदी के किनारे प्रखंड पाकुड़िया में कुल एक घाट ब्राह्मणी नदी के किनारे एवं प्रखंड लिट्टीपाड़ा में कुल छः घाट गुमानी नदी के किनारे स्थित है।उपायुक्त श्री बरणवाल ने कहा कि जिले में कैटेगरी-1 के लिए 12 बालू घाटों से बालू का उठाव 16 अक्टूबर से शुरू होगा। पंचायत स्तर पर गठित आठ सदस्यीय समिति बालू घाटों से बालू उठाव का संचालन करेगी। इसको लेकर तैयारी शुरू कर दी गई है। बालू उठाव के नियम व शर्ते लागू किए गए हैं। बालू उठाव को लेकर पंचायत स्तर पर आठ सदस्यीय टीम गठित की गयी है, जो बालू उठाव का संचालन करेगी। नियम के तहत बालू का उठाव हो इसकी संपूर्ण जिम्मेवारी प्रखंड स्तरीय टीम पर रहेगी।टीम में प्रखंड के अंचलाधिकारी, प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी एवं अंचल निरीक्षक शामिल हैं।उपायुक्त ने कहा कि ट्रैक्टर के आगे पीछे नंबर प्लेट लगा रहना चाहिए । पटरा लगा नहीं होना चाहिए।बालू घाटों से बालू का उठाव सिर्फ ट्रैक्टर के माध्यम से किया जाएगा। किसी भी कीमत पर मशीन का उपयोग नहीं होगा।
नहीं हो सकेगा बालू का भंडारण
जिला पंचायत राज पदाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि बालू उठाव कर उसका भंडारण क नहीं किया जा सकता है। बालू घाटों से उठाए गए बालू रॉयल्टी टैक्स से मुक्त रहेगा एवं बालू घाटों में पहुंच पथ, प्रबंधन, पर्यवेक्षण आदि के लिए सरकार द्वारा निर्धारित संधारण राशि ग्राम पंचायत, स्थानीय शासन द्वारा लिया जाएगा जो 100 रुपये प्रति 100 घनफुट होगा। बालू का उठाव किसी भी कीमत पर नदी में बने पुल-पुलिया के 500 से 2500 की परिधि के समीप से नहीं किया जाएगा ।बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी श
हरिवंश पंडित, जिला परिवहन पदाधिकारी-सह-जिला पंचायत राज पदाधिकारी संजय पीएम कुजूर,जिला खनन पदाधिकारी श्री प्रदीप कुमार,अंचलाधिकारी अमड़ापाड़ा श्
कुमार देवेश द्विवेदी,अंचलाधिकारी महेशपुर श्री संजय कुमार सिन्हा, अंचलाधिकारी पाकुड़िया मनोज कुमार, पाकुड़िया, महेशपुर,थाना प्रभारी समेत अन्य उपस्थित थे।











