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June 19, 2026 11:37 pm

1960 में सरकार द्वारा बसाए गए पहाड़िया उपनिवेश डूमरचीर कॉलोनी के जमीन को जबरन कब्जा करने की शिकायत डीसी से की

सतनाम सिंह

पाकुड़: जंगल एवं पहाड़ों में निवास करने वाले पहाड़ियां आदिम जनजाति को समाज एवं विकास के मुख्य धारा से जोड़ने हेतु वर्ष 1960-61 में संथाल परगना के काठीकुंड प्रखंड के आसानपहाड़ी, गोपी के अंदर प्रखंड के कुंडापहाड़ी एवं जोलो, लिट्टीपाड़ा प्रखंड के कुम्हारमाजा एवं झीरलों तथा अमरपारा प्रखंड के पाडरकोला, डूमरचीर एवं बरमसिया इत्यादि जगहों में पहाड़िया उपनिवेश बनाकर विभिन्न जगहों के पहाड़ियों को इसमें बसाया गया था। वर्ष 1960- 61 में डूमरचीर संताली मौजा में कॉलोनी बनाकर हम लोगों को बसाया गया था। हमें बस कर जीवन यापन हेतु सरकार के दिशा निर्देश में जमीन का ग्राम प्रधान द्वारा बंदोबस्ती कर प्रधानी पट्टा दिया गया था। पुणे 1975- 76 में अंचल अधिकारी अमरपारा के द्वारा भी जमीन हमारे नाम से बंदोबस्त किया गया है। जोत आबाद हेतु एक-एक जोड़ा बल तथा कृषि उपकरण प्रत्येक परिवार को दिया गया था। बच्चों को शिक्षा हेतु एक विद्यालय का भी स्थापना किया गया था। वही विद्यालय आज उत्क्रमित होकर एक आवासीय विद्यालय के रूप में संचालित है। प्रारंभ में इस कॉलोनी में रहने वाले लोग शांतिपूर्वक जीवन यापन कर रहे थे।कुछ बर्ष के बाद संतालो के द्वारा विवाद खड़ा किया गया। हमें मारने पीटने तथा कॉलोनी से भागने का धमकी देकर अधिकांश जमीन जबरन हड़प लिया गया। जमीन मापी करने पर झगड़ा किया जाता है। इस संबंध में पूर्व में अंचल अधिकारी को लिखित सूचना दिया गया लेकिन अभी तक इस बारे में सकारात्मक पहल नहीं की गई है। संतान लोगों के द्वारा हमें परेशान किया जाता है। हमें जीवन यापन में काफी कठिनाई हो रही है। लोगों ने उपायुक्त महोदय से आग्रह किया है कि हम कॉलोनी वासियों को जो भी जमीन दिया गया है उसका पूर्णमापी संपुष्टि करवाने की कृपा की जाए ताकि हम लोग शांतिपूर्वक जीवन यापन कर सके एवं समाज में भी आपसी विवाद ना हो सके।

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