जिले की लैम्पस समितियों को डिजिटल करने का काम शुरू।
सतनाम सिंह
पाकुड़: लैम्पस व पैक्सों के सशक्तीकरण के दिशा में अब समितियों को डिजिटल बनाने का काम शुरू कर दिया गया है. प्रथम चरण में पाकुड़ जिले की 42 लैम्पस समितियों कंप्यूटर्स और आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराये जा रहे हैं. गौरतलब है कि अब कम्प्यूटराइज्ड हो जाने से जहां एक तरफ लैम्पस व पैक्सों के हिसाब किताब में होने वाली त्रुटियों पर रोक लगेगी. वहीं, पैक्सों के माध्यम से खरीदे जाने वाले धान, बेचे जाने वाले खाद और बीज के व्यापार में भी हेराफेरी पर लगाम लग सकेगी. कंम्प्यूटर के एक क्लिक पर लैम्पस पैक्सों की सारी जानकारी सामने आ जायेगी और लैम्पस पैक्सों के कामकाज में पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा. जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि कंप्यूटराइजेशन के बाद पैक्सों की मॉनिटरिंग आसान हो जायेगी. पैक्सों के सदस्यों का डाटा तैयार करने में मदद मिलेगी. साथ ही सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि किसानों के जमीन के डाटा के साथ उत्पादन का आंकड़ा भी तैयार करने में सरकार को मदद मिलेगी. इससे किसानों को समय पर उचित समर्थन मूल्य दिलाने में आसानी होगी. पैक्सों के कंप्यूटरीकरण के बाद उनके साफ्टवेयर को सहकारी बैंकों से जोड़ दिया जायेगा. प्रथम चरण में 42 लैम्पसो को कंप्यूटर सेट दिया गया है. दूसरे चरण में शेषो को भी कंम्प्यूटराइज किया जायेगा. पैक्सों के विकास में कंप्यूटरीकरण एक महत्वपूर्ण कडी साबित होने वाली है. इसके बाद जहां पैक्सों के दक्षता में बेहतर सुधार आयेगा. वहीं, पैक्स समितियों से जुड़े किसानों को भी किसी तरह का आवेदन ऑनलाइन कराने या किसी तरह के प्रमाणपत्र बनवाने के लिए साइबर कैफे जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. उनके पंचायत और उनके गांव में ही उनकी डिजिटल आवश्यकताओं की पूर्ति हो जायेगी. जिला सहकारिता पदाधिकारी ने यह भी कहा कि लैम्पसो में अब कॉमन सर्विस सेंटर खोले जायेंगे. इसके माध्यम से ग्रामीणों को बैकिंग सेवाएं, रेल टिकट, जहाज टिकट आदि सहित कई इ-सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी. नागरिकों को सस्ती दर पर जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराने के लिए जन औषधि केंद्र भी चयनित पैक्सों में खोले जायेंगे.





