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May 12, 2026 4:34 am

महाशिवरात्रि पर तेतुलिया पहाड़ में उमड़े श्रद्धालु

आस्था और पर्यटन का केंद्र बन सकता है तेतुलिया पहाड़

1996 में बना गोविंद सरोवर चिल्ड्रन पार्क उपेक्षा के कारण आज अंतिम सांस ले रहा है। जरूरत है इस क्षेत्र को उद्धारक की बन सकता है पर्यटन स्थल।

सुस्मित तिवारी, हिरणपुर।

हिरणपुर (पाकुड़) हिरणपुर प्रखंड के हाथकाठी पंचायत अंतर्गत तेतुलिया पहाड़ उर्फ दूंगी पहाड़ के चोटी में स्थित शिव मंदिर श्रद्धालुओं का वर्षों से आस्था का केंद्र बिंदु बनता जा रहा है, प्रखंड अंतर्गत तेतुलिया पहाड़ उर्फ़ टुंगी पहाड़, पर्यावरण की दृष्टि से जहां उक्त स्थल रमणीय स्थल तो है ही आस्था का केंद्र बिंदु भी है, वहीं इससे कुछ दूरी पर स्थित गोविंद सरोवर को मिलाकर आस्था और पर्यटन दोनों का केंद्र बिंदु बनाया जा सकता है। बस जरूरी है तो प्रशासनिक और राजनीतिक इच्छा शक्ति की। वैसे तो महाशिवरात्रि के मौका हो या फिर सावन का पवित्र माह के सोमवारी पर प्रखंड ही नहीं आसपास से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां आकर श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा अर्चना करते आ रहे हैं, स्थानीय लोगों के द्वारा मंदिर का निर्माण वर्ष 2008 – 9 में किया गया था । बस आवश्यकता है तो इसे पर्यटन की दृष्टिकोण और गोविंद सरोवर को भव्य पार्क का रूप देने का। यह जानकर आश्चर्य होगा कि हिरणपुर प्रखंड में मनोरंजन के साथ साथ बच्चों के लिए भी कोई स्थान नहीं बन पाया है, जहां लोग पहुंच कर अपने व्यस्ततम समय से कुछ देर के लिए राहत पा सके। यहां बताते चले की तात्कालिक पाकुड़ उपयुक्त राधेश्याम बिहारी सिंह के द्वारा वर्ष 1996 में एक झरना को गोविंद सरोवर पार्क के रूप में निर्माण कराया था परंतु उपेक्षा के कारण आज जीर्ण- शीर्ण अवस्था मैं पड़ा है। तेतुलिया पहाड़ के रमणीय परिदृश्य अनायास ही लोगों को आकर्षित तो करता ही है, उस पर आस्था जुडा़ रहने से लोगों को श्रद्धा और भक्ति से लवरेज होकर खींचे चले आते है। यहां आस-पास के दर्जनों गांव के द्वारा मंदिर निर्माण से लेकर श्रद्धालुओं के आव भगत तक में लोग अपने निस्वार्थ भाव से लगे रहते हैं।

कैसे हुआ मंदिर निर्माण

दंतकथा के अनुसार लोगों का कहना है भगवान विश्वकर्मा द्वारा मंदिर का निर्माण किया जा रहा था जो निर्माण करते-करते प्रातः हो जाने के कारण और उसे दरमियां पहाड़ में रहने वाले किसी पहाड़िया जनजाति के द्वारा देख लिए जाने के कारण मंदिर बन नहीं पाया था, इस संबंध में मंदिर कमेटी के अध्यक्ष प्रकाश यादव के अलावा, सखीचंद यादव,लालचंद यादव सूगेन यादव, कोकिल यादव, अनिल यादव, भीष्मा यादव आदि ने बताया कि उक्त पहाड़ी में मंदिर निर्माण कार्य वर्षों पूर्व तेतुलिया, टुगींपहाड़ ,तुरसा टोला, बेलपहाड़ी, गोविंदपुर जिया जोड़ी तारापुर आदि गांव की ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं के आस्था को देखते हुए पहाड़ की चोटी में शिव मंदिर का निर्माण वर्ष 2008 -9 में बनकर तैयार किया गया,इसके उपरांत भव्य पार्वती मंदिर का भी निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया था।

पर्यटन स्थल बन सकता है तेतुलिया पहाड़ और गोविंद सरोवर

तेतुलिया पहाड़ पर्यावरण के दृष्टि से जहां रमणीय है वही उसके चोटीपर शिव मंदिर का भव्य निर्माण अपने आप में आकर्षण का केंद्र है। वहीं पूर्व में झरना का स्रोत को तालाब में परिवर्तित कर गोविंद सरोवर चिल्ड्रन पार्क भी बनाया गया था जो वर्तमान में उपेक्षा के कारण अंतिम सांस ले रहा है, उक्त एरिया तेतुलिया पहाड़ के परिधि के अंदर ही आता है और मार्ग में भी पड़ता है, फल स्वरुप प्रशासन और सरकार की इच्छा शक्ति जगे तो या क्षेत्र पर्यटन और आस्था की दृष्टि से भी फल-पल सकता है। जहां राजस्व भी प्राप्त होगा और स्थानीय लोगों को रोजगार भी, मंदिर कमेटी के लोगों के अलावा ग्रामीणों ने भी जनप्रतिनिधि के अलावा आला अधिकारी से इस ओर ध्यान आकृष्ट करने का आग्रह किया है।

कैसे पहुंचेंगे तेतुलिया पहाड़

तेतुलिया पहाड़ जाने के लिए हिरणपुर कोटा पोखर मार्ग से लगभग 1 किलोमीटर और पाकुड़ हिरणपुर मार्ग में तारापुर से लगभग 2 किलोमीटर में अवस्थित है जहां से गोविंद सरोवर होते हुए भी तेतुलिया पहाड़ जाया जाता है।

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