इकबाल हुसैन
लखीपुर से रामपुर तक की अधूरी सड़क की खबर जब झारखंड की हकीकत अखबार में प्रमुखता से छपी, तो प्रशासन और संवेदक की नींद टूटी। ग्रामीणों की परेशानी को जब सुर्खियों में लाया गया, तो साल भर से अधूरा पड़ा पीसीसी सड़क मरम्मत कार्य फिर से शुरू कर दिया गया। लेकिन अब नए काम की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि लखीपुर-रामपुर और धनुषपुजा चौक से अस्कंध तक की सड़क में मरम्मत का काम पिछले साल शुरू हुआ था, लेकिन संवेदक साक्षी इंटरप्राइज ने काम अधूरा छोड़ दिया था। इससे लोगों को रोज़ाना की आवाजाही में काफी दिक्कतें हो रही थीं। ग्रामीणों ने कई बार पीडब्ल्यूडी से शिकायत भी की।
खबर छपी, काम शुरू हुआ, लेकिन…
खबर छपने के बाद संवेदक हरकत में आया और आनन-फानन में सड़क पर फिर से पीसीसी बिछाने का काम शुरू कर दिया गया। लेकिन जैसे ही अनूपडंगा में निर्माण कार्य शुरू हुआ, लोगों की नाराज़गी फिर से सामने आ गई।
24 घंटे में ही सड़क फटी, घटिया बालू और कम सीमेंट का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि संवेदक घटिया बालू का इस्तेमाल कर रहा है, जिसमें मिट्टी मिली हुई है। साथ ही, सीमेंट की मात्रा भी मानकों के मुताबिक नहीं है। नतीजा ये कि निर्माण शुरू होने के 24 घंटे के भीतर ही सड़क में दरारें दिखने लगी हैं।
ग्रामीणों की मांग – जांच हो, दोषियों पर कार्रवाई हो
अब ग्रामीणों ने पीडब्ल्यूडी से पूरे मामले की जांच कराने और दोषी संवेदक पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगर अब भी ध्यान नहीं दिया गया, तो लाखों रुपये पानी में बह जाएंगे और गांव की सड़कें फिर से जर्जर हो जाएंगी।






