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March 17, 2026 6:48 pm

297 साल बाद रक्षाबंधन पर बनेगा दुर्लभ संयोग, पूरे दिन बांध सकेंगी बहन अपने भाई को राखी।

राजकुमार भगत

पाकुड़। भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन इस बार बिना किसी बाधा के 9 अगस्त, श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाएगा। पंडित राजीव पांडे के अनुसार भद्रा का असर 8 अगस्त शुक्रवार दोपहर 2:12 बजे से शुरू होकर 9 अगस्त अर्धरात्रि 1:52 बजे समाप्त होगा। इसके बाद पूर्णिमा के साथ ही राखी बांधने का शुभ समय प्रारंभ हो जाएगा।
शुभ मुहूर्त प्रातः 5:47 बजे से दोपहर 1:24 बजे तक रहेगा, लेकिन बहनें दिनभर राखी बांध सकती हैं। राहुकाल का रक्षाबंधन पर कोई असर नहीं होगा।

297 साल बाद बनेगा दुर्लभ ग्रह संयोग

इस वर्ष रक्षाबंधन पर 297 साल बाद अद्भुत ग्रह स्थिति बनेगी। सूर्य कर्क राशि में, चंद्रमा मकर में, मंगल कन्या में, बुध कर्क में, गुरु व शुक्र मिथुन में, राहु कुंभ में और केतु सिंह राशि में रहेंगे।

एक साथ कई शुभ योग।

इस दिन आयुष्मान योग, सर्वसिद्धि योग, सिद्धि योग, सौभाग्य योग, शनिचरी पूर्णिमा, मकर राशि का चंद्रमा, श्रवण एवं धनिष्ठा नक्षत्र और प्रीति योग का संयोग पर्व को और विशेष बनाएगा।

ऐसे करें राखी बांधने की तैयारी।

सुबह स्नान-ध्यान के बाद थाली में राखी, अक्षत, कुमकुम, दीपक, दही व मिठाई सजाएं। भगवान गणेश व भगवान कृष्ण को पुष्प अर्पित करें। फिर भाई को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर बिठाकर कुमकुम तिलक लगाएं, राखी बांधें, आरती करें और मिठाई खिलाकर मंगलकामना करें। ध्यान रहे, राखी बांधते समय सिर ढका हो।

21 दिन तक रखें राखी।

धर्माचार्यों के अनुसार, भाई को कलाई में बांधी गई राखी कम से कम 21 दिन या जन्माष्टमी तक रखनी चाहिए।

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