मेदिनीनगर (पलामू): शहर के सादिक चौक पर खड़ा एक सूखा पेड़ प्रशासन की लापरवाही की जीती-जागती मिसाल बन चुका है। वर्ष 2025 में ही इस पेड़ को काटने के लिए आवेदन दिया गया, वन विभाग ने आदेश भी जारी कर दिया, लेकिन हैरानी की बात यह है कि आज तक उस आदेश पर अमल नहीं हुआ।
तेज हवा चलते ही यह पेड़ खतरनाक तरीके से हिलने लगता है, जिससे आसपास के दुकानदारों की सांसें थम जाती हैं। हर दिन मौत के साए में व्यापार करने को मजबूर ये लोग अब सवाल पूछ रहे हैं—क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है?
दुकानदारों का आरोप है कि जहां हरे-भरे नीम के पेड़ को बार-बार काटा गया, वहीं यह सूखा और खतरनाक पेड़ अब भी खड़ा है। आखिर इस दोहरे रवैये का जिम्मेदार कौन है?
स्थानीय व्यापारियों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर जल्द इस पेड़ को नहीं हटाया गया और कोई हादसा होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।










