पाकुड़। लिट्टीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र में खनन गतिविधियों से जुड़ी समस्याओं और जनहित के मुद्दों को लेकर प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर जांच और कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में पत्थर खनन, क्रशर प्लांट, कोयला परिवहन, पर्यावरण प्रदूषण और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कई गंभीर मामलों को उठाया गया है।प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि हिरणपुर, लिट्टीपाड़ा और अमड़ापाड़ा प्रखंडों में कई पत्थर खदान और क्रशर प्लांट मानकों की अनदेखी कर संचालित किए जा रहे हैं। खनन कंपनियों द्वारा सिंचाई नहरों पर कब्जा कर सड़क के रूप में उपयोग करने और पत्थर के वेस्ट मटेरियल से नहरों को भरने का भी आरोप लगाया गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि क्रशर क्षेत्रों में धूल नियंत्रण के लिए नियमित पानी का छिड़काव नहीं होने से स्थानीय लोगों और राहगीरों को परेशानी हो रही है। वहीं, हैवी ब्लास्टिंग के कारण क्षेत्र में जलस्तर नीचे जाने और जल संकट की समस्या उत्पन्न होने की बात कही गई है। प्रतिनिधिमंडल ने कोयला कंपनियों के परिवहन से जुड़ी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। कोयला ढुलाई के दौरान उड़ने वाले धूलकण, तेज रफ्तार डंपरों से होने वाली दुर्घटनाएं, ओवरलोड परिवहन और सड़क क्षति पर रोक लगाने की मांग की गई।
इसके अलावा कोयला कंपनियों में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने, खदानों से निकलने वाले दूषित पानी को नदियों में छोड़े जाने पर रोक लगाने, बांसलोई और कुटलो नदी से अवैध बालू उठाव बंद करने तथा वृद्धा, विधवा और दिव्यांग पेंशन का नियमित भुगतान कराने की मांग भी की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से सभी मामलों की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने और क्षेत्र के लोगों की समस्याओं का समाधान कराने की अपील की।






