सरना धर्म कोड, संताली को राजभाषा का दर्जा और आदिवासी स्थलों की सुरक्षा समेत कई मांगें उठाईं।
इकबाल हुसैन
महेशपुर/पाकुड़:- 171वें हूल दिवस के अवसर पर आदिवासी सेंगेल अभियान की पाकुड़ जिला कमेटी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम बीडीओ महेशपुर के माध्यम से सात सूत्री मांग पत्र सौंपा। अभियान के कार्यकर्ताओं ने आदिवासी समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों के समाधान की मांग करते हुए केंद्र सरकार से पहल की अपील की।
सौंपे गए मांग पत्र में सरना धर्म कोड लागू करने, मरांग बुरु, लुगुबुरु और अयोदिया बुरु जैसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को अतिक्रमण से मुक्त रखने, संताली भाषा को झारखंड की प्रथम राजभाषा का दर्जा देने की मांग शामिल है। इसके अलावा पारंपरिक आदिवासी स्वशासन व्यवस्था में सुधार, सामाजिक कार्यक्रमों में शराब की जगह निर्मल जल के उपयोग को बढ़ावा देने, असम और अंडमान में रह रहे झारखंडी आदिवासियों को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने तथा सिदो मुर्मू और बिरसा मुंडा के वंशजों के नाम ट्रस्ट बनाकर 100-100 करोड़ रुपये का अनुदान देने की मांग की गई। मांग पत्र सौंपने वालों में जिला कमेटी के मदन मुर्मू, सनातन हेम्ब्रम, लोबिन मरांडी, रबीलाल किस्कू, दिनेश सोरेन, फिलीप सोरेन, रसका टुडू, रोबेट हेम्ब्रम समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।






