रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को ऊर्जा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य में 24 घंटे गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हर घर तक निर्बाध बिजली पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। बिजली कटौती और तकनीकी खराबी से जुड़ी शिकायतों का त्वरित समाधान हो तथा ट्रांसफार्मर जलने की स्थिति में 24 घंटे के भीतर नया ट्रांसफार्मर लगाया जाए। मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न जिलों के उपायुक्तों से भी बिजली आपूर्ति, पावर ग्रिड और ट्रांसमिशन परियोजनाओं की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी पात्र उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मुफ्त बिजली योजना का लाभ हर हाल में मिले। योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता के साथ पात्र लाभुकों की पहचान और शिकायतों के त्वरित समाधान पर भी जोर दिया।
रांची में तीन नए स्मार्ट ग्रिड, 10 दिन में दूर होंगी परियोजनाओं की बाधाएं
राजधानी रांची में तीन नए स्मार्ट ग्रिड स्थापित किए जाएंगे। ये स्मार्ट ग्रिड कुसई कॉलोनी, बरियातू और इटकी में बनेंगे। मुख्यमंत्री ने परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। स्मार्ट ग्रिड से बिजली वितरण व्यवस्था आधुनिक होगी, लोड प्रबंधन बेहतर होगा और तकनीकी गड़बड़ियों की निगरानी व समाधान में तेजी आएगी।
वहीं, बोकारो, धनबाद और हजारीबाग में ट्रांसमिशन लाइन व ग्रिड निर्माण में आ रही भूमि और वन स्वीकृति से जुड़ी अड़चनों को दूर करने के लिए संबंधित अधिकारियों को अगले 10 दिनों में समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
सिकिदिरी पावर प्लांट के आधुनिकीकरण पर जोर
मुख्यमंत्री ने सिकिदिरी जलविद्युत परियोजना की उत्पादन क्षमता और तकनीकी स्थिति की समीक्षा करते हुए प्लांट के आधुनिकीकरण की दिशा में ठोस कार्ययोजना बनाने को कहा। उन्होंने पुरानी और नई मशीनों की कार्यक्षमता का तुलनात्मक अध्ययन कर आधुनिक ऊर्जा दक्ष उपकरणों के उपयोग की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए।
उन्होंने राज्य के जल संसाधनों, जलाशयों और जलप्रपातों की क्षमता का वैज्ञानिक आकलन कर जलविद्युत उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दिया। हुंडरू और जोन्हा समेत अन्य जलप्रपातों की संभावनाओं का अध्ययन कर कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।
फ्लोटिंग और रूफटॉप सोलर को बढ़ावा, बंजर जमीन पर होगी सोलर फार्मिंग
मुख्यमंत्री ने जलाशयों में फ्लोटिंग सोलर और सरकारी व निजी भवनों की छतों पर रूफटॉप सोलर परियोजनाओं को गति देने के निर्देश दिए। साथ ही बंजर और अनुपयोगी भूमि पर सोलर फार्मिंग को बढ़ावा देने की योजना तैयार करने को कहा।
उन्होंने किसानों को सोलर पैनल लगाने के लिए सब्सिडी और तकनीकी सहायता देने तथा उनके द्वारा उत्पादित बिजली की सरकारी खरीद के लिए पारदर्शी व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया। इससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ राज्य में स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को भी बढ़ावा देने की तैयारी है।
एआई से होगी बिजली व्यवस्था की निगरानी, स्मार्ट मीटरिंग में तेजी
मुख्यमंत्री ने बिजली आपूर्ति, शिकायत निवारण और परियोजनाओं की निगरानी के लिए एआई आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्मार्ट मीटर लगाने के अभियान को भी निर्धारित समयसीमा में पूरा करने को कहा, ताकि बिजली खपत की सटीक निगरानी और ऊर्जा प्रबंधन बेहतर हो सके।
ऊर्जा विभाग में पहले चरण में 35% रिक्त पद भरने के निर्देश
ऊर्जा विभाग और उसके अधीन संस्थानों में खाली पदों को भरने की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया गया। मुख्यमंत्री ने पहले चरण में 35% रिक्त पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द पूरी करने और नियुक्ति संबंधी प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष रखने को कहा। उन्होंने ग्रामीण और पंचायत स्तर तक पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
अस्पतालों में ड्यूल लाइन, शिकायतों का त्वरित समाधान
मुख्यमंत्री ने सभी सरकारी और प्रमुख स्वास्थ्य संस्थानों में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अस्पतालों में ड्यूल विद्युत लाइन की व्यवस्था करने को कहा गया, ताकि एक लाइन में खराबी आने पर दूसरी से बिजली आपूर्ति जारी रहे। उन्होंने बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों के लिए हेल्पलाइन, ऑनलाइन व्यवस्था और जन समस्या केंद्रों को अधिक प्रभावी बनाने तथा शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम लोगों को छोटी-छोटी बिजली समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक परेशानी नहीं उठानी पड़े। बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव के. श्रीनिवासन समेत ऊर्जा विभाग और संबंधित निगमों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। क्षेत्रीय कार्यालयों के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और कार्यपालक अभियंता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।








