सुबह 9 से 10 बजे तक दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार, टोटो-ऑटो की बेतरतीब आवाजाही और अतिक्रमण से बढ़ रही परेशानी।
पाकुड़ रेलवे फाटक पर रोजाना लगने वाला जाम अब शहरवासियों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। सुबह करीब 9 से 10 बजे के बीच फाटक के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। इसका असर आम राहगीरों के साथ मरीजों, एंबुलेंस, बुजुर्गों, अधिवक्ताओं और कार्यालय जाने वाले लोगों पर पड़ रहा है। जाम के कारण कई बार लोगों को काफी देर तक सड़क पर फंसे रहना पड़ता है। स्थानीय लोगों के अनुसार रेलवे फाटक के आसपास टोटो, ऑटो और अन्य वाहनों की बेतरतीब आवाजाही तथा सड़क किनारे अतिक्रमण के कारण स्थिति और गंभीर हो जाती है। वाहनों के अव्यवस्थित खड़े होने से सड़क की चौड़ाई कम हो जाती है और फाटक बंद होने के बाद वाहनों का दबाव बढ़ते ही जाम लंबा हो जाता है।
एंबुलेंस फंसने पर बढ़ जाता है खतरा
सबसे गंभीर स्थिति तब बनती है, जब जाम में एंबुलेंस फंस जाती है। गंभीर मरीज या प्रसव पीड़ित महिला को अस्पताल पहुंचाने में देरी होने पर स्थिति चिंताजनक हो सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे फाटक जैसे व्यस्त मार्ग पर ट्रैफिक व्यवस्था को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जाना चाहिए।
लोगों ने टोटो-ऑटो संचालन को लेकर भी नियमित जांच और नियमों के पालन की मांग की है। नाबालिग चालकों पर कार्रवाई, वाहनों के वैध पंजीकरण, निर्धारित ड्रेस कोड और यातायात नियमों के अनुपालन की जांच कराने की मांग उठ रही है।
प्रशासन से नियमित ट्रैफिक व्यवस्था की मांग
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जाम और अतिक्रमण की समस्या को लेकर पर्याप्त कार्रवाई नहीं हो रही है। लोगों ने जिला प्रशासन और यातायात विभाग से रेलवे फाटक के दोनों ओर नियमित ट्रैफिक व्यवस्था सुनिश्चित करने, सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने तथा टोटो-ऑटो के संचालन को नियमों के दायरे में लाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि किसी बड़ी दुर्घटना या गंभीर आपात स्थिति का इंतजार करने के बजाय प्रशासन को समय रहते स्थायी व्यवस्था करनी चाहिए।









