सूचना के बाद भी शव उठाने में कथित टालमटोल, मुफ्फसिल थाना प्रभारी गौरव कुमार ने दिखाई संवेदनशीलता।
पाकुड़। सियालदह से पाकुड़ आने वाली कंचनजंघा एक्सप्रेस के पाकुड़ स्टेशन से रवाना होने के कुछ मिनट बाद रेलवे ट्रैक के पास एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी फैल गई। घटना ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ आरपीएफ और जीआरपी की जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया गया कि तिलभिट्टा में ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ जवान मौके पर पहुंचा और पाकुड़ आरपीएफ व जीआरपी को घटना की सूचना दी। इसके बावजूद आरोप है कि काफी देर तक शव को उठाने की कार्रवाई नहीं हुई। घटनास्थल रेलवे के खंभा संख्या 158/26 के पास बताया गया है। सूचना मिलने के बाद जिम्मेदारी को लेकर कथित रूप से टालमटोल होती रही।

रेलवे की जमीन पर शव, फिर भी कार्रवाई से किनारा?
घटना को लेकर स्थानीय लोगों में सवाल है कि जब शव रेलवे ट्रैक के पास मिला और RPF जवान ने संबंधित अधिकारियों को सूचना दे दी थी, तो तत्काल आवश्यक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। रेलवे परिसर में कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में GRP/राज्य पुलिस की भूमिका तथा रेलवे सुरक्षा में RPF की भूमिका तय है। ऐसे में दोनों एजेंसियों के बीच समन्वय के बजाय कथित तौर पर जिम्मेदारी टालने की स्थिति गंभीर सवाल खड़े करती है।

गौरव कुमार ने निभाया फर्ज, भेजी थाना की गाड़ी
इसी बीच मुफ्फसिल थाना प्रभारी गौरव कुमार को घटना की जानकारी मिली तो उन्होंने मामले में तत्परता दिखाई। बिना किसी विवाद या बहाने के थाना से तत्काल वाहन भेजकर शव को उठवाया और सदर अस्पताल सोनाजोड़ी पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उनकी इस कार्रवाई की स्थानीय स्तर पर सराहना हो रही है। मृतक की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। उसके पास से कोई पहचान पत्र या अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज नहीं मिला। अब पूरे मामले में यह सवाल अहम है कि सूचना मिलने के बावजूद RPF और GRP की ओर से तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं हुई? शव को लेकर हुई कथित देरी और जिम्मेदारी से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जांच से ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।







