बिजली, सिविल, खनन, यांत्रिक और धातुकर्म विभाग के विद्यार्थियों ने पेश किए प्रोजेक्ट
पाकुड़ पॉलिटेक्निक में संस्थान नवाचार परिषद के तत्वावधान में शुक्रवार को परियोजना विचार प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला खनन पदाधिकारी राजेश कुमार के स्वागत, रिबन काटने और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि ने विद्यार्थियों को डिप्लोमा के बाद सरकारी और निजी क्षेत्र में रोजगार, प्रशिक्षण, नियुक्ति तथा विभिन्न करियर अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से खनन क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान और तकनीकी विषयों पर मजबूत पकड़ बनाने की सलाह दी। उन्होंने जरूरत पड़ने पर विद्यार्थियों को मार्गदर्शन देने का भरोसा दिलाया। प्राचार्या डॉ. सुषमा यादव ने कहा कि तकनीकी शिक्षा में सैद्धांतिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक और प्रयोग आधारित सीख जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की। खासकर प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों द्वारा कम समय में तैयार किए गए प्रोजेक्ट को उत्साहजनक बताया। प्रदर्शनी में स्मार्ट घरेलू विद्युत वायरिंग बोर्ड, विद्युत सुरक्षा प्रशिक्षण पटल, स्मार्ट वायरलेस परीक्षक, स्मार्ट कूड़ेदान, लघु जलविद्युत उत्पादन एवं पारेषण प्रणाली, बाढ़ चेतावनी पुल, महाविद्यालय परिसर का त्रिआयामी मॉडल, आधुनिक राजमार्ग प्रणाली, वर्षाजल संचयन, उन्नत जल निकासी प्रणाली, भूमिगत खनन सुरक्षा प्रणाली, वर्षा संवेदक मशीन, आपदा सहायता ड्रोन, पैडल संचालित ड्रिलिंग मशीन, प्लास्टिक कचरे से टिकाऊ ईंट, बाधा पहचानने वाला रोबोट, कागज काटने की मशीन, कौशल एवं रोबोटिक सहायक प्रणाली तथा प्लास्टिक कचरे से ईंधन निर्माण जैसे प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए गए। प्रदर्शनी के दौरान मुख्य अतिथि, प्राचार्या और शिक्षकों ने सभी मॉडलों का निरीक्षण किया तथा विद्यार्थियों से उनकी कार्यप्रणाली, उपयोगिता और तकनीकी अवधारणा की जानकारी ली।
सात प्रोजेक्ट चुने गए सर्वश्रेष्ठ
नवाचार, तकनीकी अवधारणा और प्रस्तुति के आधार पर सात प्रोजेक्टों को सर्वश्रेष्ठ चुना गया। इनमें अग्नि रक्षक के मार्गदर्शक विवेक कुमार महतो, महाविद्यालय परिसर का त्रिआयामी मॉडल की मार्गदर्शक राबेया बसर, भूमिगत खनन शब्दावली के मार्गदर्शक अभिषेक श्रीवास्तव, इंजन ऑयल स्टोव तथा सारस- कौशल एवं रोबोटिक सहायक प्रणाली के मार्गदर्शक रिजवाना रहमान और एसके अलीमुद्दीन, स्मार्ट कूड़ेदान के मार्गदर्शक प्रणव कुमार डे तथा विद्युत अग्नि सुरक्षा प्रणाली के मार्गदर्शक आशीष कुमार शामिल रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्राचार्या और संबंधित प्रोजेक्ट मार्गदर्शकों ने प्रमाण-पत्र वितरित किए। प्रदर्शनी ने विद्यार्थियों को अपने सैद्धांतिक ज्ञान को प्रयोग में उतारने के साथ नवाचार, रचनात्मकता, तकनीकी कौशल और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने का अवसर दिया।






